रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने धर्म स्वातंत्र्य कानून को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए इसकी अधिसूचना राजपत्र (गजट) में प्रकाशित कर दी है। अधिसूचना जारी होने के साथ ही यह कानून पूरे राज्य में प्रभावी हो गया है। अब धर्म परिवर्तन से जुड़े मामलों में तय नियमों और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
सरकार की ओर से जारी अधिसूचना में धर्म परिवर्तन से संबंधित प्रक्रिया, पूर्व सूचना, अनुमति और प्रशासनिक कार्रवाई के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश तय किए गए हैं। नए नियमों के आधार पर संबंधित प्रकरणों की जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया भी निर्धारित कर दी गई है।
चार भाग और 24 धाराओं में तैयार किए गए नियम
राज्य सरकार के अनुसार, धर्म स्वातंत्र्य कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए तैयार नियमों को चार अलग-अलग भागों और 24 धाराओं में विभाजित किया गया है। इनमें धर्म परिवर्तन से जुड़ी सूचना देने की प्रक्रिया, सक्षम अधिकारियों की भूमिका, आवेदन और अन्य प्रशासनिक प्रावधानों का उल्लेख किया गया है।
सरकार का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य कानून के अनुपालन को स्पष्ट और व्यवस्थित बनाना है, ताकि संबंधित मामलों में निर्धारित प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
गृह मंत्री ने दिए सख्त कार्रवाई के संकेत
धर्म स्वातंत्र्य कानून लागू होने के बाद गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि अवैध धर्मांतरण से जुड़े मामलों में कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार इस कानून को केवल कागजों तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
गृह मंत्री ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति कानून का उल्लंघन करते हुए अवैध धर्मांतरण में शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ निर्धारित कानूनी प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
अब नए नियमों के तहत होगी कार्रवाई
राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित होने के बाद राज्य में धर्म परिवर्तन से जुड़े मामलों की जांच और कार्रवाई अब नए नियमों के अनुरूप होगी। प्रशासनिक अधिकारियों को भी कानून के क्रियान्वयन के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा।
राज्य सरकार का कहना है कि इस कानून का उद्देश्य वैधानिक व्यवस्था के अनुरूप मामलों का निपटारा करना और तय प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
