रायपुर: छत्तीसगढ़ के वन विभाग में बड़े स्तर पर प्रशासनिक बदलाव किया गया है। राज्य शासन ने 24 डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (DFO) के तबादले का आदेश जारी किया है। इस फेरबदल के तहत कई अधिकारियों को प्रदेश के अलग-अलग वन मंडलों में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। DFO स्तर पर हुए इस बदलाव से कई वन मंडलों में प्रशासनिक नेतृत्व बदल गया है। लंबे समय से एक ही जगह पर जिम्मेदारी संभाल रहे कुछ अधिकारियों को भी नई पदस्थापना दी गई है।
कई वन मंडलों में बदली कमान
सरकार के तबादला आदेश के बाद प्रदेश के अलग-अलग वन मंडलों में DFO की जिम्मेदारियां बदलेंगी। नई पदस्थापना पाने वाले अधिकारियों को संबंधित वन मंडल में पहुंचकर विभागीय कामकाज की कमान संभालनी होगी। वन मंडल स्तर पर DFO की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होती है। वन संरक्षण, विभागीय योजनाओं का संचालन, वन अपराधों पर नियंत्रण और मैदानी अमले के कामकाज की निगरानी जैसी जिम्मेदारियां भी इसी स्तर पर होती हैं।
वन संरक्षण और प्रशासनिक कामकाज पर रहेगा फोकस
DFO के तबादले के बाद वन विभाग के मैदानी कामकाज में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। नई जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारियों के सामने अपने-अपने क्षेत्रों में वन संरक्षण से जुड़े कार्यों को गति देने के साथ विभागीय योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करने की चुनौती होगी। सरकार के इस प्रशासनिक फेरबदल को विभागीय व्यवस्था को अधिक सक्रिय और प्रभावी बनाने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।
नई पोस्टिंग पर जल्द संभालेंगे जिम्मेदारी
तबादला आदेश जारी होने के बाद संबंधित अधिकारियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत नई जगह कार्यभार ग्रहण करना होगा। इसके साथ ही वन मंडलों में प्रशासनिक कामकाज का नया दौर शुरू होगा। फिलहाल इस फेरबदल के बाद विभागीय स्तर पर नई जिम्मेदारियों के अनुसार कामकाज को व्यवस्थित करने की प्रक्रिया शुरू होगी।