सक्ती। हरिभूमि-आईएनएच के जिला संवाद कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने आगामी राजनीतिक परिदृश्य को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव के बाद केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनेगी और छत्तीसगढ़ में भी पार्टी सत्ता में वापसी करेगी। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि राज्यसभा जाने की उनकी इच्छा है, लेकिन अंतिम फैसला कांग्रेस हाईकमान का ही होगा। कार्यक्रम के दौरान हरिभूमि और आईएनएच के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने डॉ. महंत से प्रदेश की राजनीति, सक्ती जिले के विकास, आगामी चुनाव, भाजपा सरकार के कामकाज और उनके राजनीतिक भविष्य सहित कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
2029 में कांग्रेस की वापसी का दावा
डॉ. महंत ने विश्वास जताते हुए कहा कि कांग्रेस संगठन लगातार जमीनी स्तर पर काम कर रही है। उनके अनुसार जनता बदलाव चाहती है और अगले लोकसभा व विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी को सिर्फ उम्मीद नहीं, बल्कि पूर्ण विश्वास है कि 2029 में केंद्र और छत्तीसगढ़ दोनों जगह कांग्रेस सरकार बनाएगी।
राज्यसभा जाने की इच्छा, लेकिन फैसला हाईकमान का
अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर पूछे गए सवाल पर डॉ. महंत ने कहा कि वे सांसद, विधायक और मंत्री के रूप में जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। राज्यसभा देश का सर्वोच्च सदन है और वहां जाने की इच्छा स्वाभाविक है, लेकिन पार्टी नेतृत्व जो निर्णय करेगा, वही उन्हें स्वीकार होगा।
सक्ती जिला बनने के पीछे जनता की मांग
सक्ती जिले के गठन पर उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान यह क्षेत्र की सबसे बड़ी मांग थी। करीब दो दशक से लोग जिला बनाने की मांग कर रहे थे। चुनाव जीतने के बाद उस वादे को पूरा करना उनकी प्राथमिकता रही। अब उनका उद्देश्य जिले में बुनियादी सुविधाओं और विकास कार्यों को गति देना है।
भाजपा सरकार पर विकास रोकने का आरोप
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के समय सक्ती जिले के लिए लगभग 800 करोड़ रुपये के विकास कार्य स्वीकृत किए गए थे, जबकि वर्तमान सरकार ने ढाई वर्षों में केवल 1.38 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए। उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस शासनकाल में स्वीकृत करीब 100 करोड़ रुपये के कई विकास कार्य निरस्त कर दिए गए, जिससे जिले के विकास की रफ्तार प्रभावित हुई।
2023 की हार पर कही यह बात
विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार पर डॉ. महंत ने कहा कि पार्टी ने जनता के जनादेश को पूरी विनम्रता से स्वीकार किया है। उन्होंने माना कि सरकार रहते हुए अपेक्षित स्तर पर काम नहीं हो पाया, लेकिन अब संगठन नए उत्साह के साथ जनता के बीच काम कर रहा है।
मुख्यमंत्री और सरकारों पर टिप्पणी
राज्य के तीन मुख्यमंत्रियों पर अपनी राय रखते हुए उन्होंने कहा कि डॉ. रमन सिंह के साथ उनके पारिवारिक संबंध रहे हैं और उन्होंने कई अच्छे कार्य भी किए। वहीं उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को अभी स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने का पूरा अवसर नहीं मिल पाया है। उन्होंने भूपेश बघेल सरकार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाली योजनाओं का भी उल्लेख किया।
राजनीति से संन्यास के सवाल पर दिया जवाब
राजनीति से संन्यास लेने की अटकलों को खारिज करते हुए डॉ. महंत ने कहा कि अभी उनके पास सीखने और नई पीढ़ी को अनुभव देने के लिए बहुत कुछ बाकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल सक्रिय राजनीति में बने रहने का उनका पूरा इरादा है।