रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में शुक्रवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर छापेमारी की कार्रवाई शुरू की है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, ED की अलग-अलग टीमें शहर में 3 से 4 स्थानों पर जांच कर रही हैं। इस कार्रवाई के दौरान चर्चित शराब घोटाला मामले के आरोपी अनवर ढेबर के आवास पर भी अधिकारियों की टीम पहुंची है। सुबह से ही ED के अधिकारी विभिन्न ठिकानों पर दस्तावेजों और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों की जांच में जुटे हुए हैं। अनवर ढेबर के घर पर कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रखी गई है। एहतियात के तौर पर आवास के बाहर सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। फिलहाल ED की इस कार्रवाई के पीछे के कारणों और जांच के दायरे को लेकर आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। अधिकारियों की जांच पूरी होने के बाद ही कार्रवाई से संबंधित अन्य जानकारियां स्पष्ट हो सकेंगी।
रायपुर में 3 से 4 स्थानों पर ED की जांच
मिली जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार सुबह ED की कई टीमें एक साथ सक्रिय हुईं। राजधानी के अलग-अलग इलाकों में अधिकारियों ने पहुंचकर जांच शुरू की। इन स्थानों पर दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है। इसी कार्रवाई के तहत अनवर ढेबर के आवास पर भी ED की टीम पहुंची। शराब घोटाला मामले में उनका नाम पहले भी सामने आ चुका है। हालांकि, मौजूदा छापेमारी के संबंध में जांच एजेंसी की ओर से अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
इससे पहले भी रायपुर और दुर्ग में हुई थी कार्रवाई
छत्तीसगढ़ में ED की यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब हाल के दिनों में जांच एजेंसी रायपुर और दुर्ग के कई ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है। इससे पहले रायपुर के पंडरी इलाके के रवि नगर स्थित सुशील विला में ED की टीम ने दबिश दी थी। यहां कारोबारी नितिन डागा के आवास पर अधिकारी दो वाहनों से पहुंचे थे और विभिन्न दस्तावेजों की जांच की थी। वहीं, दुर्ग के ऋषभ ग्रीन सिटी में ट्रांसपोर्ट और रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े गुलशन बघेल के घर पर भी ED ने कार्रवाई की थी। जानकारी के अनुसार, करीब 10 अधिकारियों की टीम सुबह लगभग 6 बजे E-701 स्थित उनके आवास पर पहुंची थी। इसके बाद वहां दस्तावेजों की पड़ताल की गई।
जांच के दायरे को लेकर बढ़ी नजरें
रायपुर में एक साथ कई स्थानों पर ED की कार्रवाई और अनवर ढेबर के आवास पर टीम की मौजूदगी के बाद मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि मौजूदा कार्रवाई का पिछली छापेमारी से क्या संबंध है और जांच में किन पहलुओं को केंद्र में रखा गया है। जांच एजेंसी की ओर से आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही पूरी कार्रवाई की तस्वीर स्पष्ट हो पाएगी।