छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में डॉक्टरों के कथित फर्जी ट्रांसफर आदेश और पैसे के लेन-देन से जुड़े मामले में भारतीय जनता पार्टी ने बड़ा संगठनात्मक फैसला लिया है। पार्टी ने जिला महामंत्री कृष्ण अवस्थी और जिला उपाध्यक्ष पुनी राम पटेल को छह साल के लिए संगठन से निष्कासित कर दिया है। यह कार्रवाई भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव के निर्देश के बाद की गई है। प्रदेश भाजपा कार्यालय की ओर से जारी निष्कासन पत्र में दोनों नेताओं के खिलाफ अवैध गतिविधियों में संलिप्तता और मामले के चलते पार्टी की छवि प्रभावित होने का उल्लेख किया गया है।
फर्जी ट्रांसफर आदेश मामले से जुड़ा विवाद
मामला बलौदाबाजार जिले में डॉक्टरों के ट्रांसफर से संबंधित कथित फर्जी आदेश जारी किए जाने से जुड़ा है। प्रकरण की पुलिस जांच के दौरान भाजपा के जिला स्तर के पदाधिकारियों की कथित भूमिका सामने आई थी। मामले में गिरफ्तारी के बाद यह प्रकरण स्थानीय राजनीति के साथ-साथ भाजपा संगठन के स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया था। इस घटनाक्रम से पार्टी की छवि को लेकर भी सवाल उठे थे।
प्रदेश नेतृत्व ने लिया सख्त फैसला
मामले को गंभीरता से लेते हुए भाजपा के प्रदेश नेतृत्व ने दोनों पदाधिकारियों के खिलाफ संगठनात्मक कार्रवाई की। पार्टी की ओर से जारी आदेश के अनुसार कृष्ण अवस्थी और पुनी राम पटेल को छह वर्ष के लिए भाजपा से निष्कासित किया गया है। पार्टी संगठन ने अपने फैसले के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की है कि किसी भी नेता या पदाधिकारी की ओर से ऐसी गतिविधियां, जिनसे पार्टी की प्रतिष्ठा प्रभावित होती है, स्वीकार नहीं की जाएंगी।
संगठन की छवि प्रभावित होने का हवाला
निष्कासन पत्र में दोनों नेताओं पर अवैध गतिविधियों में शामिल पाए जाने का उल्लेख किया गया है। साथ ही, इस पूरे प्रकरण से भाजपा की छवि धूमिल होने की बात भी कही गई है। इस कार्रवाई के बाद बलौदाबाजार भाजपा संगठन में भी हलचल बढ़ गई है। अब यह देखना होगा कि फर्जी ट्रांसफर आदेश मामले की पुलिस जांच में आगे क्या तथ्य सामने आते हैं।

