छत्तीसगढ़ विधानसभा में मंगलवार को स्वास्थ्य, कृषि और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर सदन का माहौल पूरी तरह गरमा गया। मेकाहारा में करोड़ों रुपये की मशीन, धान खरीदी में कथित अनियमितता और अपराध के आंकड़ों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
मेकाहारा की करोड़ों की मशीन पर सरकार घिरी
भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय (मेकाहारा) में खरीदी गई महंगी मशीन का मुद्दा उठाते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल को घेरा। चंद्राकर ने सवाल किया कि मशीन अब तक शुरू क्यों नहीं हो पाई और वह वास्तव में कहां रखी गई है। इस दौरान मंत्री और विधायक के बीच तीखी बहस भी हुई। स्वास्थ्य मंत्री ने जवाब में कहा कि मशीन पूर्व सरकार के समय खरीदी गई थी और फिलहाल मेकाहारा परिसर में सुरक्षित रखी गई है। मशीन को लेकर जांच चल रही है, जांच पूरी होने के बाद उसे शुरू किया जाएगा।
धान खरीदी को लेकर विपक्ष का स्थगन प्रस्ताव
शून्यकाल के दौरान कांग्रेस ने धान खरीदी में अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए स्थगन प्रस्ताव पेश किया। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने आरोप लगाया कि SC-ST किसानों का धान जानबूझकर नहीं खरीदा गया और पंजीयन प्रक्रिया में किसानों को गुमराह किया गया। महंत ने कहा कि किसान खून के आंसू रो रहे हैं और सरकार या तो धान खरीदे या फिर किसानों का कर्ज माफ करे। उन्होंने सक्ती, जैजैपुर, पामगढ़, अकलतरा और जांजगीर-चांपा जैसे इलाकों का हवाला देते हुए गंभीर आरोप लगाए।
सदन में हंगामा, गर्भगृह तक पहुंचे विपक्षी विधायक
स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति नहीं मिलने से नाराज विपक्षी विधायक नारेबाजी करते हुए गर्भगृह तक पहुंच गए। इस दौरान सदन में भारी हंगामा हुआ। गर्भगृह में प्रवेश करने के कारण कई कांग्रेस विधायकों को निलंबित कर दिया गया, जिसके बाद विपक्ष ने सदन से बहिर्गमन किया।
भूपेश बघेल का आरोप: किसानों का अपमान
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष पहले से तय कर चुका था कि धान खरीदी पर चर्चा नहीं होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अधिकारी राज चल रहा है और किसानों को चोर समझा जा रहा है। इस पर भाजपा विधायकों ने “घड़ियाल आंसू बहाना बंद करो” के नारे लगाए, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया।
सभापति का रुख
सभापति धरमलाल कौशिक ने स्पष्ट किया कि बजट सत्र के दौरान स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा संभव नहीं है। उनके इस निर्णय के बाद गतिरोध और गहरा गया।
अपराध के आंकड़ों पर सरकार का पक्ष
सदन में हत्या और लूट की घटनाओं को लेकर भी सवाल उठे। इस पर गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि प्रदेश में हत्या के मामलों में 3 प्रतिशत और लूट की घटनाओं में 10 प्रतिशत की कमी आई है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस सरकार के 26 महीनों की तुलना में भाजपा शासन में लूट की घटनाओं में 14 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। नव्या मलिक प्रकरण पर उन्होंने जल्द जानकारी देने का आश्वासन दिया।