सतना: विंध्य क्षेत्र के सतना शहर में मंगलवार की शाम किसी दहशतभरी फिल्म के मंजर जैसी रही। एक सफेद रंग के आवारा कुत्ते ने अचानक 'साइको' किलर की तरह राहगीरों पर हमला करना शुरू कर दिया। महज 180 मिनट के भीतर इस कुत्ते ने शहर के अलग-अलग इलाकों में 40 लोगों को अपना शिकार बनाया, जिसके बाद पूरे रीवा रोड इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
आतंक का रूट
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यह खूनी खेल गहरानाला क्षेत्र से शुरू हुआ। कुत्ता इतना हिंसक था कि वह सामने आने वाले हर व्यक्ति पर झपट रहा था। गहरानाला, माहेश्वरी स्वीट्स, खेरमाई रोड, खोवा मंडी और अस्पताल चौराहा होते हुए कुत्ता रेलवे स्टेशन तक जा पहुंचा। लोग अपनी जान बचाने के लिए भागते नजर आए। कई व्यापारियों ने सुरक्षा के लिहाज से अपनी दुकानों के शटर तक गिरा दिए।
अस्पताल में इमरजेंसी जैसे हालात
शाम 6 बजे के बाद जिला अस्पताल में घायलों के आने का सिलसिला शुरू हुआ, जो थमने का नाम नहीं ले रहा था। मरीजों की भारी तादाद को देखते हुए एंटी-रेबीज इंजेक्शन कक्ष को रात 9 बजे तक खुला रखा गया। कुल 40 घायलों में से 25 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। उन्हें एंटी-रेबीज वैक्सीन के साथ-साथ इम्युनोग्लोब्युलिन इंजेक्शन भी लगाए गए हैं ताकि संक्रमण का खतरा कम हो सके।
राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई मासूम बच्चा चपेट में नहीं आया। शिकार हुए ज्यादातर लोगों की उम्र 25 से 60 वर्ष के बीच है। कई लोगों के पैरों और हाथों में कुत्ते ने मांस तक निकाल लिया है। डॉक्टरों की टीम लगातार मरीजों की निगरानी कर रही है।
नगर निगम पर उठे सवाल
शहर के बीचों-बीच हुई इस बड़ी घटना ने नगर निगम के डॉग-पकड़ो अभियान की पोल खोल दी है। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि हिंसक होने के घंटों बाद भी कुत्ते को पकड़ा या नियंत्रित नहीं किया जा सका।