रायपुर: माओवादी संगठन में वर्षों तक सक्रिय रहने के बाद एक महिला माओवादी ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है। शासन द्वारा उस पर 5 लाख रुपये का इनाम घोषित था। माओवादी उन्मूलन अभियान के तहत पुलिस मुख्यालय के मार्गदर्शन में और रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अमरेश कुमार मिश्रा के निर्देशन में यह आत्मसमर्पण कराया गया।
2005 से संगठन में निभाती रही अहम भूमिका
आत्मसमर्पण करने वाली महिला की पहचान भूमिका उर्फ गीता के रूप में हुई है, जो वर्ष 2005 से माओवादी संगठन में सक्रिय थी। प्रारंभिक प्रशिक्षण के बाद वह 2010 तक प्लाटून-01 में रही। इसके पश्चात उसे ओडिशा राज्य कमेटी में भेजा गया, जहां उसने विभिन्न स्तरों पर कार्य किया।
सीसीएम संग्राम की सुरक्षा की जिम्मेदारी
पुलिस के अनुसार वर्ष 2011 से 2019 के बीच भूमिका उर्फ गीता सीसीएम संग्राम की गार्ड के रूप में तैनात रही। इसके बाद 2019 से 2023 तक उसने सीनापाली एरिया कमेटी में एरिया कमेटी मेंबर (ACM) के रूप में काम किया।
एलओएस कमांडर तक पहुंचा सफर
सितंबर 2023 में उसे गोबरा एलओएस का कमांडर नियुक्त किया गया था। हाल के समय में संगठन में सदस्यों की कमी के चलते वह नगरी और सीतानदी एरिया कमेटी के साथ संयुक्त रूप से गतिविधियों में शामिल रही।
कई बड़ी नक्सली घटनाओं में रही संलिप्त
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार भूमिका उर्फ गीता कई गंभीर नक्सली मुठभेड़ों में शामिल रही है—
2010: पड़कीपाली (जिला महासमुंद, ओडिशा) मुठभेड़, 8 नक्सली मारे गए, एक ग्रामीण की मौत
2014: मैनपुर के मोतिपानी जंगल में मुठभेड़
2016: नुआपाड़ा (ओडिशा) के कमलावाड़ी और पोतेलपाड़ा जंगल में मुठभेड़
2018: बीजापुर के तिमेनार जंगल में मुठभेड़, 8 नक्सली मारे गए
2023: गरियाबंद के ताराझार जंगल में मुठभेड़
2024: धमतरी के एकावरी जंगल में मुठभेड़
2025: धमतरी के मांदागिरी जंगल में मुठभेड़
10 नवंबर 2025: गरियाबंद के सेमरा जंगल में मुठभेड़।