सूरजपुर जिला संवाद 2026 : छत्तीसगढ़ सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के मौके पर जिले के विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं और जमीनी समस्याओं पर चर्चा के लिए हरिभूमि आईएनएच द्वारा जिला संवाद कार्यक्रम का आयोजन सूरजपुर में किया जा रहा है। इसमें जिले के विकास पर सीधे और खुले मंच से चर्चा की जा रही है। हरिभूमि INH के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े से जिले के विकास और समस्याओं पर विशेष चर्चा की।
डॉ. हिमांशु द्विवेदी: विधायक से मंत्री बनीं, यह मामला कैसे बना?
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े: विधायक और फिर मंत्री बनना—एक गम से उभरे नहीं कि दूसरा गम कैसे आ गया, यह मुझे भी नहीं पता। मैंने कभी कल्पना नहीं की थी, लेकिन इतना भरोसा था कि जनता का आशीर्वाद मुझे मिलेगा। पर आशीर्वाद के साथ इतना बड़ा दायित्व मिलेगा, यह कभी सोचा नहीं था। यह भाजपा ने कर दिखाया।
डॉ. हिमांशु द्विवेदी: इतने बड़े आशीर्वाद मिलने से जिंदगी में क्या कुछ बदल गया?
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े: यह एक दायित्व होता है, चाहे विधायक के रूप में हो या मंत्री के रूप में। विधायक रहते तो क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते, लेकिन जब राज्य स्तर का दायित्व मिलता है तो पूरी विधानसभा के लिए होता है। मैं एक विधानसभा की बात कर रही थी, लेकिन अब मुझे 90 विधानसभाओं का दायित्व मिला है। मुझे जो विभाग मिला है, उसके माध्यम से बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए बेहतर काम कर सकूं, यही प्रयास है। रही बात जिंदगी बदलने की, तो बदला कुछ नहीं है। जैसे पहले लक्ष्मी थी, आज भी वही है, बस दायित्व बड़े हो गए हैं।
डॉ. हिमांशु द्विवेदी: दायित्व आने से आपको क्या महसूस हुआ?
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े: जब कोई भी राजनीतिक दल प्रतिनिधित्व करता है, चाहे जनपद, जिला, सरपंच, पंच या विधायक के रूप में हो, तो जब हम वोट मांगने जाते हैं, लोगों की आशा होती है कि ये हमारे लिए कुछ करेंगे। अगर मैं विधायक हूं तो अपने क्षेत्र के लिए बेहतर से बेहतर काम करने का प्रयास करती।
डॉ. हिमांशु द्विवेदी: विधायक को मंत्री पद मिला, भटगांव को क्या मिला?
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े: दो साल में भटगांव को बहुत कुछ मिला। हम किसी व्यक्ति विशेष के लिए नहीं हैं। केंद्र या राज्य की योजनाओं के माध्यम से हम व्यक्तिगत लाभ भी पहुंचाते हैं। भटगांव दूरस्थ अंचल है, जहां लोग सुविधाओं के लिए जूझते रहे हैं। हमारी पहली प्राथमिकता सड़क और पुल रहे, जिन्हें पूरा करने का प्रयास किया गया। हमारी विधानसभा में 33 कार्य प्रधानमंत्री सड़क योजना से जुड़े हैं। विधानसभा में ऐसे गांव भी हैं, जहां तक कोई प्रतिनिधि नहीं पहुंचा था। मैं खुद बाइक से वहां गई, जहां पहुंचना भी मुश्किल था। वहां के लिए सड़क स्वीकृत करवाई। कुछ काम पूरे हुए हैं, कुछ प्रक्रिया में हैं। जो काम पांच साल में नहीं हुए, वे इन दो सालों में स्वीकृत कराए गए हैं।
डॉ. हिमांशु द्विवेदी: पांच साल में काम नहीं हुए या पहले के 15 सालों में भी नहीं हुए?
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े: कोई भी सरकार आती है तो काम एक बार में नहीं होते, धीरे-धीरे होते हैं। 15 साल में कुछ काम हुए, कुछ नहीं। पांच साल में भी कुछ काम छूट गए, कुछ हुए। लेकिन मुझे लगता है कि पिछले पांच सालों में जो नहीं हुआ, वे काम विष्णु देव साय की सरकार में हुए हैं।
डॉ. हिमांशु द्विवेदी: आप 44 हजार वोटों से जीतीं, क्या समझ पाईं कि क्यों जीतीं?
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े: कुछ व्यक्तिगत व्यवहार का असर रहा और कुछ कांग्रेस सरकार के पांच साल से लोग त्रस्त थे। चुनाव के समय चर्चा थी कि शायद इस बार परसनाथ राजवाड़े जीतेंगे और मंत्री बनेंगे, लेकिन परिणाम उल्टा हुआ—मैं जीती और मंत्री बनी। जनता हर बार नए अवसर देती है, यही कारण रहा।
डॉ. हिमांशु द्विवेदी: सूरजपुर जिले की व्यवस्थाओं से आप संतुष्ट हैं?
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े: हमारी सरकार बनने के बाद हमने तीन बड़े काम किए। पहला, यहां केंद्रीय विद्यालय खुलने वाला है। दूसरा, बच्चों को कृषि से जोड़ने के लिए कृषि महाविद्यालय शुरू हुआ है। तीसरा, डायट कॉलेज की स्थापना की गई है। ये जिले स्तर के महत्वपूर्ण कार्य हैं।
डॉ. हिमांशु द्विवेदी: सूरजपुर में कौन सा धंधा बढ़िया है—कोयले का या रेत का?
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े: छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर प्रदेश है। अलग-अलग क्षेत्रों में अलग संसाधन हैं। इस क्षेत्र में कोयला अधिक मात्रा में निकलता है। रेत कोई धंधा नहीं, बल्कि आवश्यकता है। पीएम आवास बन रहे हैं, तो रेत की जरूरत पड़ेगी ही। रेत के बिना आवास कैसे बनेंगे?
डॉ. हिमांशु द्विवेदी: अवैध उत्खनन से कैसे जूझती हैं?
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े: जो अवैध कार्य करेगा, उस पर कार्रवाई होगी। जहां भी ऐसी गतिविधियां होंगी, वहां कलेक्टर और एसपी कार्रवाई कर रहे हैं।
डॉ. हिमांशु द्विवेदी: विभाग के बारे में दो साल में बताने के लिए आपके पास क्या है?
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े: इन दो सालों में हमने कई सुधार किए हैं। पहले जो आंगनबाड़ी केंद्र चल रहे थे, उन्हें मुख्य आंगनबाड़ी केंद्र के रूप में उन्नत किया गया है। हजारों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भर्ती की गई है। कई नए आंगनबाड़ी भवन बनाए गए हैं। कुपोषण दर कम करने का प्रयास किया गया है। कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान शुरू किया गया है, जिसकी लगातार मॉनिटरिंग हो रही है। कई योजनाओं में महिलाएं दायित्व निभा रही हैं। हाल ही में बजट में रानी दुर्गावती योजना की घोषणा हुई है, जिसका उल्लेख हमारे घोषणा पत्र में था। दो साल में अधिकांश घोषणाएं पूरी की गई हैं। धीरे-धीरे सरकार अपना काम कर रही है।