मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य टकराव का असर अब अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात पर साफ दिखाई दे रहा है। Israel और United States द्वारा Iran पर किए गए संयुक्त हमलों के बाद क्षेत्र में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की मौत की खबरों के बाद कई देशों में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं, जिससे स्थिति और संवेदनशील हो गई है।
दिल्ली एयरपोर्ट पर 100 उड़ानें रद्द:
मध्य-पूर्व के कुछ हिस्सों में एयरस्पेस बंद किए जाने के कारण Indira Gandhi International Airport से आने-जाने वाली कुल 100 फ्लाइट्स रद्द कर दी गई हैं। 60 उड़ानें प्रस्थान (Departure), 40 उड़ानें आगमन (Arrival), शनिवार को भी लगभग 400 से अधिक उड़ानों पर असर पड़ा था। एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों को सलाह दी है कि यात्रा से पहले संबंधित एयरलाइन की आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन के जरिए फ्लाइट स्टेटस जरूर जांच लें।
एयरलाइंस ने बढ़ाई सावधानी:
स्थिति को देखते हुए Air India ने अपनी कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में अतिरिक्त कटौती की घोषणा की है। वहीं IndiGo ने भी जानकारी दी है कि मध्य-पूर्व के हवाई मार्ग से गुजरने वाली कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का निलंबन 2 मार्च 2026 तक बढ़ा दिया गया है। एयरलाइंस यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था, री-शेड्यूलिंग और रिफंड के विकल्प दे रही हैं।
भारतीय यात्रियों पर असर:
मिडिल ईस्ट में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक काम करते हैं। एयरस्पेस बंद होने के कारण कई यात्री अलग-अलग देशों में फंसे हुए हैं। दूतावास और एयरलाइंस लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्र में हालात जल्द सामान्य नहीं होते, तो आने वाले दिनों में और अधिक उड़ानें प्रभावित हो सकती हैं।
यात्रियों के लिए जरूरी सलाह:
फ्लाइट स्टेटस की पुष्टि यात्रा से पहले अवश्य करें, एयरलाइन की आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया अपडेट देखें। अंतरराष्ट्रीय यात्रा से पहले वैकल्पिक रूट की जानकारी रखें।
अतिरिक्त समय लेकर एयरपोर्ट पहुंचे:
मिडिल ईस्ट में जारी अस्थिरता का असर केवल क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर देखने को मिल रहा है। फिलहाल यात्रियों को सतर्क रहने और आधिकारिक अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।