सूरजपुर जिला संवाद 2026 : छत्तीसगढ़ सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के मौके पर जिले के विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं और जमीनी समस्याओं पर चर्चा के लिए हरिभूमि आईएनएच द्वारा जिला संवाद कार्यक्रम का आयोजन सूरजपुर में किया जा रहा है। इसमें जिले के विकास पर सीधे और खुले मंच से चर्चा की जा रही है। हरिभूमि INH के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने चिंतामणि महाराज (बीजेपी सांसद), परसनाथ राजवाड़े (पूर्व विधायक), भाजपा नेता भीमसेन और प्रेम साय टेकाम (पूर्व मंत्री) से जिले के विकास और समस्याओं पर विशेष चर्चा की।
डॉ. हिमांशु द्विवेदी: न आप पर भरोसा, न आपकी पार्टी पर भरोसा, ऐसा क्या कर बैठे आप लोग?
परसनाथ राजवाड़े: 15 साल बाद जैसे ही कांग्रेस की सरकार बनी, तभी कोरोना महामारी आई, जिसने सीधे-सीधे दो साल प्रभावित किए। उससे काम अव्यवस्थित हुए। हमें जो ढाई-तीन साल का समय मिला, उसमें हमारी सरकार ने सभी वर्गों के लिए योजनाएं बनाई। यहां तक कि हमारी सरकार ने 96 योजनाएं बनाईं और उन्हें संचालित किया। लेकिन इसके बाद भी कहीं न कहीं कुछ कमियां रही होंगी, जिसके चलते हम फिर विपक्ष में आए।
डॉ. हिमांशु द्विवेदी: मतलब आपके और कांग्रेस के निपटने का कारण कोरोना था?
परसनाथ राजवाड़े: हमारे दो साल का नुकसान हुआ, वह तो जाएगा ही। सरगुजा की जो स्थिति है, पिछले पंचवर्षीय में देखा गया कि यहां भाजपा भी शून्य थी और इस बार कांग्रेस भी शून्य हो गई। आने वाले समय में भाजपा की भी वही दुर्गति होने वाली है। इसके लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा। हमने शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का प्रयास किया। लेकिन वर्तमान सरकार ने उन स्कूलों का नाम बदल दिया।
डॉ. हिमांशु द्विवेदी: जनता को समझ नहीं थी, इसलिए अच्छा काम नहीं समझ पाई?
प्रेम साय टेकाम, पूर्व मंत्री: चुनाव में हार-जीत होती है, कोई स्थायी नहीं होता। हमने अच्छा काम किया, इस बात की हमें संतुष्टि है। हमने किसानों, शिक्षा और गोठान के क्षेत्र में अच्छा काम किया। हालांकि, जितना अच्छा काम किया, उसे जनता तक ठीक से पहुंचा नहीं पाए, यह सच्चाई है। किसानों की सुविधा के लिए धान खरीदी केंद्र बढ़ाए, सोसायटियां बढ़ाईं, बैंक बढ़ाए। लेकिन अभी जो स्थिति दिख रही है, उसमें किसान अपना धान नहीं बेच पा रहा है। किसानों को चोर समझा जा रहा है। करीब दो लाख किसान ऐसे हैं जो धान नहीं बेच पाए, जबकि कांग्रेस शासन में ऐसा नहीं था। रही बात चुनाव की, तो चुनाव आगे-पीछे होता रहता है। जनता की मंशा और आशीर्वाद को स्वीकार करना पड़ता है। कामकाज के आधार पर भी फैसला होता है। हमें लोगों के बीच जाकर बताना पड़ता है कि हमने क्या किया।
डॉ. हिमांशु द्विवेदी: काम अच्छा किए, तो टीएस सिंहदेव ने पंचायत विभाग क्यों छोड़ दिया?
प्रेम साय टेकाम: हम कैसे बता सकते हैं कि उन्होंने क्यों छोड़ा? कौन क्या कर रहा है, कहां जा रहा है, यह हम कैसे बता सकते हैं। हम अपनी और अपने जिले की बात बता सकते हैं। टीएस सिंहदेव हमारे आदरणीय नेता हैं, लेकिन उनकी बात वही बेहतर बता पाएंगे। हम तो उनके साथ ही हैं।
डॉ. हिमांशु द्विवेदी: दो साल में आप लोग क्या करते रहे? किसानों को परेशान कर रहे हैं आप लोग?
भीमसेन, भाजपा नेता: कल ही किसानों के खातों में पूरा पैसा आया है। खरीदी हुई है और किसानों में किसी प्रकार का भ्रम नहीं है। किसी भी किसान के पास धान बचा नहीं है। हमारे अधिकारियों और सोसायटियों ने पूरा धान खरीदा है। भाजपा सरकार ने लोगों में आत्मविश्वास जगाने का काम किया है। किसी को किसी के सामने हाथ न फैलाना पड़े, इसके लिए प्रावधान किए गए हैं। इलाज, पक्के मकान, शौचालय, गैस सिलेंडर, चूल्हा—आम आदमी को जो सुविधाएं मिलनी चाहिए, वे दी जा रही हैं। शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास के क्षेत्र में भी काम हो रहा है। भाजपा ने सरकार बनाने के लिए नहीं, बल्कि सेवा करने के लिए शासन किया है।
डॉ. हिमांशु द्विवेदी: सूरजपुर कागजों में जिला बन गया, क्या सेटअप बना?
भीमसेन, भाजपा नेता: सूरजपुर जिला घोषित होने पर यहां एसपी मुख्यालय भी घोषित हुआ था। ऐसा पहला जिला था। विकास की दृष्टि से सूरजपुर आगे बढ़ रहा है। कर्मचारियों के आवास बन गए हैं, नल कनेक्शन देना बाकी है। सूरजपुर ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में जो विकास हुआ है, वह भाजपा सरकारों में हुआ है। शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव आ रहा है और सूरजपुर में केंद्रीय विद्यालय भी स्वीकृत हुआ है।
डॉ. हिमांशु द्विवेदी: कैसा लगता है सूरजपुर जिला?
चिंतामणि महाराज: विकास एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। प्राथमिकता के आधार पर सरकार निर्णय लेती है। जो जहां रहता है, वह उसी हिसाब से बात करता है। विपक्ष अपने दृष्टिकोण से और पक्ष सरकार के कार्यों के आधार पर बात करता है। पहले भी काम हुए और अभी भी बेहतर काम हो रहे हैं।
डॉ. हिमांशु द्विवेदी: ज्यादा अच्छा काम कब हुआ?
चिंतामणि महाराज: यह कहना थोड़ा मुश्किल है। वर्तमान में केंद्र और राज्य, दोनों जगह भाजपा की सरकार है, इसलिए समन्वय के साथ काम हो रहा है। पहले जब केंद्र और राज्य में अलग-अलग सरकारें थीं, तब काम करने में कुछ दिक्कतें होती थीं। अब दोनों जगह एक ही सरकार होने से निश्चित रूप से विकास कार्य बेहतर तरीके से हो रहे हैं। कांग्रेस की सरकार ने अपने विवेक से काम किया और अब भाजपा सरकार सबके विकास के लिए काम कर रही है।