सूरजपुर। छत्तीसगढ़ में साय सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जिले के विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं और जमीनी समस्याओं की समीक्षा के लिए आज सूरजपुर के साधुराम सेवाकुंज में INH हरिभूमि द्वारा जिला संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम सुबह 11 बजे शुरू हुआ, जिसमें जिले से जुड़े अहम मुद्दों पर खुलकर चर्चा की जा रही है। इस विशेष संवाद कार्यक्रम का संचालन INH हरिभूमि के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी कर रहे हैं, जिन्होंने जिले के विकास कार्यों, किसानों की स्थिति, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे को लेकर जनप्रतिनिधियों से सीधे और तीखे सवाल पूछे।
कार्यक्रम में शामिल प्रमुख अतिथि:
जिला संवाद में सत्ता और विपक्ष दोनों पक्षों के जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। प्रमुख अतिथियों में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज प्रतापपुर विधायक शकुंतला पोर्ते, प्रेमनगर विधायक भूलन सिंह मरावी, जिला पंचायत अध्यक्ष चंद्रमणि पैकरा, प्रदेश संगठन महामंत्री भाजपा अखिलेश सोनी शामिल रहे। वहीं विपक्ष की ओर से पूर्व मंत्री डॉ. प्रेम सिंह टेकाम. पूर्व विधायक पारसनाथ राजवाड़े, पूर्व श्रम कल्याण बोर्ड अध्यक्ष सफी अहमद, नगर पालिका अध्यक्ष कुसुम लता राजवाड़े शामिल हैं।
चर्चा का मुख्य विषय: “सरकार के दो साल, सूरजपुर का कितना विकास?”
कार्यक्रम में जिले के विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई । विशेष रूप से बुनियादी ढांचे का विस्तार, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं, किसानों से जुड़े मुद्दे, धान खरीदी व्यवस्था, राशन दुकानों की संख्या, गौठान और ग्रामीण अर्थव्यवस्था, बैंकिंग और आधारभूत संरचना का विस्तार के मुद्दों पर सवाल उठे।
किसानों के हित में सरकार के दावे:
कार्यक्रम के दौरान भाजपा प्रतिनिधियों ने दावा किया कि प्रदेश की सरकार ने किसानों के हित में व्यापक कार्य किए हैं। धान खरीदी के समय सभी सोसायटियों में किसानों से पूर्ण रूप से धान खरीदा गया। सरकार का कहना है कि उसने लोगों में आत्मविश्वास जगाने का कार्य किया है और यह सुनिश्चित किया है कि किसी भी स्थान पर जनता को असुविधा न हो। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकानों के लिए राशि प्रदान की गई, जबकि स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से शौचालय निर्माण कराया गया। इसके अलावा गैस सिलेंडर वितरण, शिक्षा सुविधाओं का विस्तार, रोजगार के अवसरों में वृद्धि और ग्रामीण क्षेत्रों में गौठान जैसे मॉडल को बढ़ावा देने का दावा भी किया गया।
बुनियादी ढांचे और बैंकिंग विस्तार पर जोर:
सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि सूरजपुर जिले में इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार किया गया है। नए बैंक खोले गए हैं, ग्रामीण कनेक्टिविटी को बेहतर बनाया गया है और जनसुविधाओं को सुदृढ़ किया गया है। हालांकि विपक्ष ने इन दावों पर सवाल उठाते हुए जमीनी हकीकत पर चर्चा की मांग की। इस संवाद कार्यक्रम में साय सरकार के दो वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियों और चुनौतियों पर खुलकर मंथन हुआ। सत्ता पक्ष ने जहां विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं की उपलब्धियां गिनाईं, वहीं विपक्ष ने जमीनी स्तर पर समस्याओं को उजागर किया। अब देखना होगा कि इस संवाद से निकले निष्कर्ष आने वाले समय में जिले के विकास की दिशा को किस प्रकार प्रभावित करते हैं।