रायपुर:छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नए प्रदेश प्रभारी सुखदेव भगत 27 सितंबर को रायपुर पहुंचेंगे। प्रभारी की जिम्मेदारी संभालने के बाद यह उनका प्रदेश का पहला दौरा होगा। तीन दिनों के प्रवास के दौरान वे पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से लेकर प्रदेश पदाधिकारियों और संगठन के अलग-अलग मोर्चा-प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों से मुलाकात करेंगे।
भगत के दौरे को संगठन की मौजूदा स्थिति की समीक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है। बैठकों में पार्टी की गतिविधियों, नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय तथा आने वाले कार्यक्रमों की तैयारियों पर फीडबैक लिया जाएगा।
दीपक बैज समेत वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक
सुखदेव भगत प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज समेत वरिष्ठ नेताओं और प्रदेश पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इस दौरान हाल में हुए संगठनात्मक कार्यों और पार्टी की आगामी रणनीति से जुड़े मुद्दों पर चर्चा प्रस्तावित है।
इसके अलावा विधायक, मोर्चा और प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों से भी संवाद किया जाएगा। संगठन के अलग-अलग स्तरों की स्थिति समझने के लिए जमीनी फीडबैक पर भी चर्चा होने की संभावना है।
जिला और ब्लॉक स्तर की तैयारियों पर भी नजर
प्रभारी के दौरे में केवल प्रदेश स्तर की गतिविधियां ही नहीं, बल्कि जिला और ब्लॉक स्तर के संगठन से जुड़े मुद्दे भी चर्चा में रह सकते हैं। नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल, संगठन की सक्रियता और आगामी कार्यक्रमों की तैयारियों को लेकर जानकारी जुटाई जाएगी।
तीन दिवसीय प्रवास में भगत अलग-अलग नेताओं से संवाद कर प्रदेश संगठन की स्थिति को समझने की कोशिश करेंगे।
जोगी कांग्रेस के विलय का मुद्दा भी अहम
सुखदेव भगत के दौरे के दौरान छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस (जे) के कांग्रेस में संभावित विलय का मुद्दा भी चर्चा में आ सकता है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक रेणु जोगी और अमित जोगी की ओर से कांग्रेस में वापसी और पार्टी के विलय से जुड़ा प्रस्ताव सामने आया है।
हालांकि, इस मामले में अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। कांग्रेस की अनुशासन समिति की ओर से भी इस पर अंतिम निर्णय लंबित बताया गया है। ऐसे में 27 सितंबर से शुरू होने वाली बैठकों में इस मुद्दे पर आगे की चर्चा पर नजर रहेगी।
सितंबर में मिली है नई जिम्मेदारी
कांग्रेस ने सितंबर 2026 में संगठनात्मक बदलाव करते हुए सुखदेव भगत को छत्तीसगढ़ का नया प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया था। भगत झारखंड के लोहरदगा से लोकसभा सांसद रह चुके हैं। अब प्रदेश प्रभारी के तौर पर उनका पहला छत्तीसगढ़ दौरा संगठन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

