भोपाल : मध्य प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में राजेंद्र भारती की विधायकी खत्म होने के बाद से बवाल मच गया है। कांग्रेस जहां इस पूरी कार्रवाई को बीजेपी की सोची समझी साजिश बता रही है। तो वही दूसरी तरफ बीजेपी विधायक भगवान दास सबनानी ने मामले में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कोर्ट ने सबूत के आधार पर कार्रवाई पर विधायकी खत्म की है। जबकि जीतू पटवारी का कहना है कि जब कोर्ट द्वारा 60 दिन का समय दिया गया है तो देर रात विधानसभा सचिवालय में कार्रवाई क्यों की गई। पटवारी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार रात के अंधेरे में स्वायत्त संस्थाओं का गला घोंट रही है।
मुकेश मल्होत्रा, राजेंद्र भारती के साथ षड्यंत्र
सत्ता पक्ष के बढ़ते अत्याचार और मनमानी के खिलाफ जीतू पटवारी ने आवाज उठाते हुए कहा कि बीजेपी राज्यसभा चुनाव प्रभावित करने के लिए मुकेश मल्होत्रा, राजेंद्र भारती के साथ षड्यंत्र कर रही है. विधायक कम करें और चुनाव में अटैक करें. कांग्रेस राज्यसभा के चुनावों और राजेंद्र भारती के मामले में अलर्ट है। पटवारी का कहना है कि राजेंद्र भारती फिर विधायक बनेंगे। उनके मामले में ऊपर की कोर्ट में जा रहे हैं, राज्यसभा सदस्य विवेक तंखा, दिग्विजय सिंह पूरी तैयार कर रहे है।
देर रात कार्रवाई पर उठाया सवाल
पटवारी ने आगे कहा कि मैंने और पीसी शर्मा ने कल देर रात विधानसभा के प्रमुख सचिव से मुलाकात की थी। राजेंद्र भारती की सदस्यता को लेकर जब हमने विधानसभा मुख्य सचिव से सवाल पूछा कि क्यों आप इतनी रात को काम कर रहे हैं तो वे उठकर भाग गए। कोर्ट ने राजेंद्र भारती को जब 60 दिन का समय दिया है। तो विधानसभा सचिवालय ने दिल्ली से अधिकारी बुलाकर आधी रात को विधायकी खत्म करने का फैसला क्यों लिया? उन्होंने इसे “अपराध” करार देते हुए कहा कि इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों को जवाब देना होगा।
सत्तापक्ष के विधायकों को बचाया जा रहा
पीसीसी चीफ ने आगे कहा कि नरोत्तम मिश्रा के पैड न्यूज मामले में आज तक कोई फैसला नहीं हुआ। निर्मला स्प्रे के मामले में कोई फैसला नहीं ले रहे। सत्तापक्ष के विधायकों को बचाया जा रहा है और कांग्रेस के विधायकों की सदस्यता खत्म की जा रही है। ये सब राज्यसभा चुनाव के कारण किया जा रहा है. लेकिन राज्यसभा चुनाव तक राजेंद्र भारती और मुकेश मल्होत्रा दोनों को वोटिंग का अधिकार मिलेगा।
विवेक तन्खा और कपिल सिब्बल करेंगे पैरवी
जीतू पटवारी ने बताया कि राजेंद्र भारती मामले में कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील विवेक तन्खा और कपिल सिब्बल मामले की पैरवी करेंगे। मामले में आला कमान हर अपडेट रख रहे है। जल्द ही कोर्ट में अप्लाई करेंगे। इसके बाद कोर्ट जो फैसला लेगी वो हम्हे मंजूर होगा।
दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने लिया फैसला
दरअसल, दतिया विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने एक पुराने ग्रामीण बैंक धोखाधड़ी मामले में तीन साल की सजा सुनाई है. सजा का ऐलान होते ही विधानसभा सचिवालय ने तुरंत कार्रवाई करते हुए राजेंद्र भारती की विधायकी खत्म कर दी। जिसके बाद दतिया सीट को रिक्त घोषित कर दिया गया।
क्या है पूरा मामला
यह मामला साल 1998 का है. आरोप है कि दतिया में राजेंद्र भारती की मां के नाम पर एक संस्था है, जिसमें ₹10 लाख की फिक्स्ड डिपॉजिट कराई गई थी. तीन साल की FD को नियमों के खिलाफ बढ़ाकर 15 साल कर दिया गया और उस पर नियमित रूप से करीब ₹1.35 लाख की राशि निकाली जाती रही. अदालत ने इसे ग्रामीण बैंक और जिला सहकारी बैंक के साथ धोखाधड़ी माना और इसी आधार पर तीन साल की सजा सुनाई।