रायपुर। छत्तीसगढ़ के युवा खिलाड़ियों के लिए खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर सामने आया है। रायपुर में विभिन्न खेल अकादमियों में प्रवेश के लिए खिलाड़ियों की चयन प्रक्रिया शुरू हो गई है। तीरंदाजी, फुटबॉल, हॉकी और एथलेटिक्स सहित बालिका फुटबॉल अकादमी में प्रवेश के लिए ट्रायल आयोजित किए जा रहे हैं। इस चयन प्रक्रिया में 13 से 17 वर्ष की आयु के खिलाड़ी हिस्सा ले सकते हैं। इसमें छत्तीसगढ़ के साथ दूसरे राज्यों के युवा खिलाड़ी भी शामिल हो सकते हैं। चयन के दौरान खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता के साथ-साथ संबंधित खेल में उनकी तकनीकी दक्षता का भी आकलन किया जाएगा।
सुबह 7 से 11 बजे तक होगा पंजीयन
चयन ट्रायल में शामिल होने वाले खिलाड़ियों के लिए पंजीयन की व्यवस्था स्वामी विवेकानंद स्टेडियम, कोटा, रायपुर में की गई है। पंजीयन सुबह 7 बजे से 11 बजे तक किया जाएगा। पंजीयन के बाद खिलाड़ियों के जरूरी दस्तावेजों की जांच और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होगी।
पहले दिन फिटनेस और मेडिकल टेस्ट
चयन प्रक्रिया के शुरुआती चरण में खिलाड़ियों का चिकित्सीय परीक्षण और शारीरिक दक्षता परीक्षण लिया जाएगा। इसके जरिए खिलाड़ियों की फिटनेस और खेल गतिविधियों के लिए उनकी शारीरिक क्षमता का आकलन किया जाएगा। इसके बाद अगले दिन खिलाड़ियों को उनके संबंधित खेल की परीक्षा से गुजरना होगा। इसमें तकनीक, कौशल और मैदान पर प्रदर्शन जैसी क्षमताओं को परखा जाएगा।
खेल कौशल के आधार पर होगा चयन
फुटबॉल, हॉकी, तीरंदाजी और एथलेटिक्स में खिलाड़ियों की क्षमता को अलग-अलग मानकों पर जांचा जाएगा। ट्रायल के दौरान प्रदर्शन के आधार पर योग्य खिलाड़ियों का चयन संबंधित खेल अकादमियों के लिए किया जाएगा। बालिका फुटबॉल अकादमी में प्रवेश की इच्छुक खिलाड़ी भी इस चयन प्रक्रिया का हिस्सा बन सकती हैं।
चयनित खिलाड़ियों को मिलेंगी ये सुविधाएं
अकादमी के लिए चयनित खिलाड़ियों को शासन की ओर से विभिन्न खेल सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इनमें निःशुल्क खेल प्रशिक्षण, खेल परिधान और प्लेइंग किट जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इस पहल का उद्देश्य प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराकर उन्हें खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर देना है। चयन प्रक्रिया के जरिए युवा प्रतिभाओं को व्यवस्थित प्रशिक्षण से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
खिलाड़ियों के लिए क्यों खास है यह मौका?
खेल अकादमियों में चयनित होने वाले खिलाड़ियों को विशेषज्ञ प्रशिक्षण और जरूरी खेल संसाधनों का लाभ मिल सकेगा। इससे कम उम्र में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपनी खेल क्षमता विकसित करने और आगे प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार होने का अवसर मिलेगा।