रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के धनागर क्षेत्र में दुर्लभ प्रजाति का रेड सैंड बोआ सांप मिलने का मामला सामने आया है। सांप की मौजूदगी की जानकारी मिलते ही सर्प रक्षक समिति और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने सावधानीपूर्वक सांप को रेस्क्यू किया। आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण के बाद वन विभाग की मौजूदगी में उसे सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया। इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में रेड सैंड बोआ को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ गई है। सर्प रक्षक समिति के अनुसार, क्षेत्र में इस प्रजाति का सांप करीब 10 साल बाद दिखाई दिया है। हालांकि, इतने लंबे अंतराल के बाद इसके मिलने के दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
धनागर में दुर्लभ सांप मिलने से बढ़ी चर्चा
धनागर क्षेत्र में रेड सैंड बोआ मिलने की सूचना के बाद संबंधित टीमों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सांप को सुरक्षित तरीके से पकड़ा गया। इसके बाद उसकी जांच कर उसे प्राकृतिक वातावरण में छोड़ने की कार्रवाई की गई। रेस्क्यू अभियान में सर्प रक्षक समिति के सदस्यों के साथ वन विभाग की टीम भी मौजूद रही। समय पर की गई कार्रवाई से सांप को बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सका।
क्या होता है रेड सैंड बोआ सांप?
रेड सैंड बोआ सांप की एक ऐसी प्रजाति है, जिसे लेकर लोगों के बीच कई तरह की धारणाएं प्रचलित हैं। यह सांप विषहीन होता है और आमतौर पर जमीन के भीतर या उसके आसपास छिपकर रहने के लिए जाना जाता है। इसके शरीर का रंग और बनावट इसे दूसरी प्रजातियों से अलग पहचान देने में मदद करते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी सांप को देखते ही घबराने या उसे नुकसान पहुंचाने के बजाय सुरक्षित दूरी बनाए रखना चाहिए। सांप की पहचान स्वयं करने या उसे पकड़ने की कोशिश करना खतरनाक हो सकता है। ऐसी स्थिति में वन विभाग अथवा प्रशिक्षित सर्प रक्षक की सहायता लेना उचित है।
रेड सैंड बोआ की तस्करी पर हो सकती है कानूनी कार्रवाई
रेड सैंड बोआ का अवैध शिकार, व्यापार और तस्करी वन्यजीव संरक्षण से जुड़े कानूनों के तहत कार्रवाई का कारण बन सकते हैं। इस तरह के मामलों में संबंधित प्रजाति की कानूनी स्थिति और अपराध की प्रकृति के आधार पर कार्रवाई की जाती है। वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए उनकी अवैध खरीद-बिक्री की जानकारी संबंधित अधिकारियों को देना महत्वपूर्ण है। किसी भी दुर्लभ वन्यजीव को पकड़कर अपने पास रखना या उसके व्यापार में शामिल होना कानूनी जोखिम पैदा कर सकता है।
सुरक्षित रेस्क्यू के बाद जंगल में छोड़ा गया सांप
धनागर क्षेत्र में मिले रेड सैंड बोआ को सर्प रक्षक समिति और वन विभाग की टीम ने सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसे जंगल में छोड़ दिया गया। इस घटना ने एक बार फिर वन्यजीव संरक्षण और सांपों के प्रति जागरूकता की जरूरत को सामने रखा है।