नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) के निदेशक राहुल नवीन के कार्यकाल को एक और साल के लिए बढ़ाने का फैसला किया है। कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने उनके सेवा विस्तार को मंजूरी दे दी है। नए आदेश के मुताबिक राहुल नवीन अब 13 अगस्त 2027 तक ED निदेशक के पद पर बने रहेंगे। उनका विस्तारित कार्यकाल 13 अगस्त 2026 से प्रभावी माना जाएगा और यह अगले आदेश तक लागू रहेगा।
1993 बैच के IRS अधिकारी हैं राहुल नवीन
राहुल नवीन भारतीय राजस्व सेवा (IRS) के 1993 बैच के अधिकारी हैं। वह आयकर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों में शामिल रहे हैं। उन्होंने IIT कानपुर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। इसके अलावा उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की Swinburne University of Technology से MBA की डिग्री भी हासिल की है। राहुल नवीन को अंतरराष्ट्रीय कराधान, प्रत्यक्ष कराधान और ट्रांसफर प्राइसिंग जैसे वित्तीय एवं कर संबंधी जटिल मामलों का विशेषज्ञ माना जाता है।
2023 में मिली थी ED की कमान
राहुल नवीन को सितंबर 2023 में प्रवर्तन निदेशालय का कार्यवाहक निदेशक नियुक्त किया गया था। इसके बाद अगस्त 2024 में उन्हें ED का स्थायी निदेशक बनाया गया। अब केंद्र सरकार के ताजा फैसले के बाद वह अगस्त 2027 तक एजेंसी का नेतृत्व करेंगे।
कई बड़े वित्तीय मामलों की जांच
राहुल नवीन के नेतृत्व में प्रवर्तन निदेशालय ने कई चर्चित वित्तीय मामलों में जांच और कार्रवाई को आगे बढ़ाया है। इनमें राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म आई-पैक, अनिल अंबानी समूह से जुड़े मामले और ऑनलाइन मनी गेमिंग कंपनियों से संबंधित जांच भी शामिल हैं। इसके साथ ही रियल एस्टेट क्षेत्र में घर खरीदारों से कथित धोखाधड़ी के मामलों में भी ED की कार्रवाई सामने आई है। धन शोधन निवारण अधिनियम यानी PMLA के तहत संपत्तियों की जब्ती और संबंधित मामलों में आगे की कानूनी प्रक्रिया पर भी एजेंसी ने काम किया है।
पुराने मामलों के निपटारे पर भी जोर
राहुल नवीन के कार्यकाल में लंबित मामलों को कम करने की दिशा में भी प्रयास किए गए हैं। इनमें पुराने विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम यानी FERA से जुड़े मामलों के निपटारे के साथ-साथ विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम यानी FEMA के तहत कंपाउंडिंग की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना शामिल है।
क्या है ED निदेशक के कार्यकाल का नियम?
प्रवर्तन निदेशालय के निदेशक की नियुक्ति सामान्य तौर पर शुरुआती दो वर्ष के लिए होती है। मौजूदा प्रावधानों के तहत जरूरत के अनुसार इसके बाद एक-एक साल के अधिकतम तीन सेवा विस्तार दिए जा सकते हैं। राहुल नवीन को मिला ताजा विस्तार इसी व्यवस्था के तहत किया गया है। केंद्र सरकार के इस फैसले के बाद अब राहुल नवीन के नेतृत्व में ED की ओर से चल रही महत्वपूर्ण वित्तीय अपराधों और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी जांचों पर आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।