रायपुर। नवा रायपुर के ग्राम नकटी में गरीब परिवारों के मकान हटाने की कार्रवाई को लेकर सियासी घमासान तेज है। इस बीच सरकारी दस्तावेजों से एक अहम तथ्य सामने आया है। दस्तावेजों के अनुसार नकटी में प्रस्तावित विधायक कॉलोनी की योजना की शुरुआत वर्ष 2020 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुई थी। वहीं राजस्व और हाउसिंग बोर्ड की रिपोर्ट बताती है कि वर्ष 2021 में जहां केवल 3 हेक्टेयर क्षेत्र में कच्चे मकान और बाड़ी मौजूद थे, वहीं 2023 तक लगभग 15 हेक्टेयर भूमि पर बड़े पैमाने पर पक्के निर्माण और अतिक्रमण हो गया।
2020 में रखी गई थी विधायक कॉलोनी की नींव
सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार सितंबर 2020 में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल ने रायपुर कलेक्टर को नकटी गांव की 15.47 हेक्टेयर भूमि सामान्य आवासीय योजना के लिए आवंटित करने का प्रस्ताव भेजा। इसके बाद भूमि आवंटन की प्रक्रिया शुरू हुई और नियमानुसार सार्वजनिक सूचना जारी कर आपत्तियां आमंत्रित की गईं। साल 2021 में विभिन्न विभागों से भी आपत्तियां मांगी गईं, लेकिन किसी विभाग ने प्रस्ताव का विरोध नहीं किया। इसके बाद राजस्व विभाग और पटवारी की रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रक्रिया जारी रही।
2021 की रिपोर्ट में केवल 3 हेक्टेयर में था अतिक्रमण
26 जून 2021 को पटवारी द्वारा किए गए स्थल निरीक्षण में ग्राम नकटी की कुल जनसंख्या 2110 दर्ज की गई। रिपोर्ट में बताया गया कि प्रस्तावित भूमि के लगभग 3 हेक्टेयर हिस्से में केवल कच्चे मकान, बाड़ी और सीमित अतिक्रमण था। इसके आधार पर 8 दिसंबर 2021 को गृह निर्माण मंडल ने एसडीएम को पत्र भेजते हुए भूमि आवंटन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का अनुरोध किया।
2023 तक 15 हेक्टेयर में फैल गया पक्का कब्जा
सरकारी दस्तावेज बताते हैं कि वर्ष 2023 तक स्थिति पूरी तरह बदल गई। लगभग 15 हेक्टेयर भूमि पर पक्के मकानों के रूप में अतिक्रमण दर्ज किया गया। रिपोर्ट के अनुसार वहां 1000 वर्गफुट के 7 मकान, 1200 वर्गफुट के 3 मकान, 5000 से 10 हजार वर्गफुट के 13 मकान और 10 हजार वर्गफुट से अधिक क्षेत्रफल वाले 21 मकान बने मकानों का आकार भी काफी बड़ा था। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि 44 परिवार ऐसे पाए गए जिनके पास उसी गांव में पहले से मकान मौजूद थे।
अवैध कब्जा कैसे बढ़ा?
दस्तावेजों के अनुसार जैसे ही ग्रामीणों को भूमि अधिग्रहण और मुआवजे की जानकारी मिली, उसके बाद कुछ लोगों ने मिलीभगत कर शामिलन चरागाह भूमि पर बड़े पैमाने पर कब्जा कर लिया। इसी अवधि में कच्चे मकानों की जगह पक्के निर्माण तेजी से बढ़े।
कांग्रेस विधायकों ने विधायक कॉलोनी स्थानांतरित करने की मांग की
नकटी विवाद के बीच कांग्रेस के धमतरी विधायक ओंकार साहू और गुंडरदेही विधायक कुंवर सिंह निषाद ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर प्रस्तावित विधायक कॉलोनी को किसी अन्य स्थान पर बनाने की मांग की है। दोनों विधायकों का कहना है कि यदि ग्रामीण वर्षों से वहां रह रहे हैं तो उन्हें हटाकर विधायक कॉलोनी बनाना उचित नहीं होगा। उन्होंने सुझाव दिया कि नवा रायपुर में उपलब्ध अन्य सरकारी भूमि पर कॉलोनी विकसित की जाए और प्रभावित परिवारों का पुनर्वास किया जाए।