रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस ने अंतर्राज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने गांजा, प्रतिबंधित टैबलेट, कोडिन सिरप, पेंटाजोसीन इंजेक्शन, सिरिंज और नकदी सहित करीब 16.15 लाख रुपए मूल्य का नशीला सामान जब्त किया है। पुलिस का दावा है कि यह गिरोह कई राज्यों में सक्रिय था और इसके पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।
पहले हुई गिरफ्तारी से खुला पूरा नेटवर्क
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 30 जून को गंज थाना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए मेरठ निवासी अभिषेक कुमार को 10.710 किलोग्राम गांजा के साथ गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में उसने बताया कि गांजा ओडिशा से लाकर उत्तर प्रदेश भेजा जा रहा था। इसी इनपुट के आधार पर पुलिस ने नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंच बनाई।
संयुक्त अभियान में चार और तस्कर दबोचे गए
मामले की जांच के दौरान एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और गंज थाना पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया। सूचना के आधार पर घेराबंदी कर पुलिस ने ओडिशा निवासी किशोर साहू, महासमुंद निवासी अजय विश्वकर्मा, शुभम साहू उर्फ बऊ तथा मेरठ निवासी प्रिंस प्रजापति को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से बरामद सामग्री में शामिल हैं 3 किलोग्राम गांजा, 2,000 प्रतिबंधित नाइट्रोटेन टैबलेट, 30 बोतल कोडिन सिरप, 290 पेंटाजोसीन इंजेक्शन, 300 सिरिंज और नकदी शामिल हैं, इस कार्रवाई में बरामद सामग्री की कीमत लगभग 10.70 लाख रुपए आंकी गई है।
मुख्य आरोपी पहले भी जा चुका है जेल
जांच में सामने आया कि गिरोह का मुख्य आरोपी किशोर साहू पहले भी एनडीपीएस एक्ट के मामले में दोषी ठहराया जा चुका है। उसे महासमुंद की अदालत ने 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी। हालांकि, हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद वह फिर से नशे के अवैध कारोबार में सक्रिय हो गया था।
कई राज्यों तक फैला है नेटवर्क
पुलिस का कहना है कि यह अंतर्राज्यीय ड्रग्स नेटवर्क ओडिशा, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में सक्रिय है। फिलहाल सप्लायर, रिसीवर और पूरे सप्लाई चेन की एंड-टू-एंड जांच की जा रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की अन्य धाराएं भी जोड़ी जाएंगी।
पुलिस की जांच जारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में अभी और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है और जल्द ही पूरे गिरोह का खुलासा होने की संभावना है।