अंतर्राष्ट्रीय हिन्दू परिषद : अंतर्राष्ट्रीय हिन्दू परिषद और राष्ट्रीय बजरंग दल भोपाल ने भोजशाला, धार में 23 जनवरी को बसंत पंचमी के मौके पर पूजा व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी को सौंपा है। संगठन ने मांग की है कि बसंत पंचमी पर मां सरस्वती (वाग्देवी) के जन्मोत्सव के अवसर पर भोजशाला परिसर में सिर्फ हिंदू समाज को ही प्रवेश दिया जाए और उस दिन नमाज पर प्रतिबंध लगाया जाए।
2003 के ASI आदेश का दिया हवाला
संगठन की ओर से कहा गया कि केंद्रीय पुरातत्व विभाग (ASI), दिल्ली द्वारा 7 अप्रैल 2003 को पारित आदेश के अनुसार हिंदू समाज को प्रति मंगलवार और बसंत पंचमी के दिन सूर्योदय से सूर्यास्त तक पूरे दिन पूजा-अर्चना का अधिकार दिया गया है। यह आदेश हिंदू समाज की धार्मिक भावना, परंपरा और तिथि के विशेष महत्व को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया था।
आदेश का पालन न होने का आरोप
अंतर्राष्ट्रीय हिन्दू परिषद के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि वर्ष 2006, 2013 और 2016 में प्रशासन द्वारा उक्त आदेश की मूल भावना का पालन नहीं कराया गया, जिससे हिंदू समाज में असंतोष फैला। उनका दावा है कि इन वर्षों में तनाव की स्थिति बनी और कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई, जिससे जनधन की हानि भी हुई।
बसंत पंचमी पर अखंड पूजा की मांग
राष्ट्रीय बजरंग दल के प्रांत मंत्री राकेश प्रजापति ने कहा कि बसंत पंचमी के दिन संपूर्ण हिंदू समाज सूर्योदय से सूर्यास्त तक पूजा, हवन और यज्ञ करता है। उन्होंने मांग की कि 23 जनवरी 2026 को मां सरस्वती की अखंड पूजा की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनी रहे।
जताई ये आशंका
संगठन ने यह भी कहा कि पूर्व में जिन सालों में बसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ी, उस दौरान विवाद की स्थिति बनी थी। इस बार भी 23 जनवरी 2026 को शुक्रवार होने के कारण उन्होंने प्रशासन से पूर्व नियोजन कर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। संगठन ने कहा कि यदि उस दिन नमाज की अनुमति दी जाती है और स्थिति बिगड़ती है तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
संगठनों की मांगे
भोजशाला, धार को मां सरस्वती वाग्देवी स्थल के रूप में हिंदू समाज को सौंपा जाए। भोजशाला परिसर में नमाज पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।
ये कार्यकर्ता रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र कुंभकार, उपाध्यक्ष दीपक मिश्रा, महामंत्री सचिन राजपूत सहित बड़ी संख्या में संगठन के कार्यकर्ता मौजूद रहे।