Heavy Rain Alert: देश के अलग-अलग हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। पहाड़ी राज्यों से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक तेज और लगातार बारिश ने जनजीवन पर असर डालना शुरू कर दिया है। मध्य भारत में बने कम दबाव के क्षेत्र और उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आने वाले चार दिनों के दौरान कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है। लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है, जबकि मैदानी राज्यों में नदियों का जलस्तर तेजी से ऊपर जा रहा है। कई स्थानों पर जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।
अगले चार दिन बारिश का असर जारी रहने की संभावना
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक देश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। कुछ इलाकों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात समेत कई राज्यों में मौसम विभाग ने सतर्क रहने की सलाह दी है। स्थानीय प्रशासन भी मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन से बढ़ी परेशानी
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश के चलते कई क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं। मलबा आने के कारण राष्ट्रीय राजमार्गों और संपर्क मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ है। जानकारी के अनुसार, दोनों पहाड़ी राज्यों में 200 से अधिक सड़कें और संपर्क मार्ग बाधित हुए हैं। उत्तराखंड में तवाघाट-गुंजी मार्ग बंद होने से व्यास घाटी से संपर्क प्रभावित हुआ है। सड़कें बंद होने के कारण स्थानीय लोगों के साथ-साथ यात्रियों और श्रद्धालुओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन की टीमें प्रभावित मार्गों से मलबा हटाने और यातायात बहाल करने में जुटी हुई हैं। हालांकि लगातार बारिश राहत और बहाली कार्यों में चुनौती बन रही है।
बिहार में उफान पर नदियां, सोन बैराज के 69 गेट खोले गए
बिहार में भी भारी बारिश का असर नदियों के जलस्तर पर दिखाई दे रहा है। नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों और राज्य के विभिन्न हिस्सों में लगातार बारिश के बाद कई नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है। रोहतास जिले के इंद्रपुरी स्थित सोन बैराज में पानी का दबाव बढ़ने के बाद सभी 69 फाटकों को खोलने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद निचले और नदी किनारे बसे क्षेत्रों में जलभराव का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है और स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
कई राज्यों में प्रशासन अलर्ट मोड पर
बारिश और संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए कई राज्यों में राहत और बचाव एजेंसियों को तैयार रखा गया है। जरूरत पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को राहत कार्यों के लिए तैनात किया जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और नदी-नालों के आसपास विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
IMD की लोगों को सलाह
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। जलभराव वाले क्षेत्रों, तेज बहाव वाली नदियों और भूस्खलन संभावित स्थानों से दूरी बनाए रखने की अपील की गई है। यात्रा पर निकलने से पहले स्थानीय मौसम अपडेट और प्रशासन की एडवाइजरी की जानकारी लेना जरूरी बताया गया है। लगातार बारिश की स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करने की सलाह दी गई है।