रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन सदन का माहौल उस समय गरमा गया, जब प्रश्नकाल के दौरान जेलों में बंदियों की मौत का मुद्दा जोरशोर से उठा। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश की जेल व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सरकार से विस्तृत जवाब मांगा।
जनवरी 2025 से जनवरी 2026 तक 66 बंदियों की मौत
जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि जनवरी 2025 से जनवरी 2026 के बीच राज्य की विभिन्न जेलों में कुल 66 बंदियों की मौत हुई है। इनमें से 18 मामलों में मजिस्ट्रेट जांच पूरी हो चुकी है, जबकि 48 मामलों की जांच अभी जारी है।साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि गंभीर अपराधों में 35 प्रतिशत वृद्धि का दावा तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है और सरकार बनने के बाद अपराध नियंत्रण की दिशा में सुधार हुआ है।
जीवन ठाकुर प्रकरण पर आमने-सामने
सदन में जीवन ठाकुर की मौत का मामला बहस का केंद्र बन गया। भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि जीवन ठाकुर को फर्जी मामले में फंसाया गया, उन्हें और उनके बेटे को अलग रखा गया तथा समुचित इलाज नहीं मिला। उन्होंने यह भी कहा कि डॉक्टर की सलाह के बावजूद अस्पताल में भर्ती नहीं कराया गया और विधायकों को भी मिलने की अनुमति नहीं दी गई।
इस पर विजय शर्मा ने कहा कि जेल प्रशासन की ओर से समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, दवाइयां दी गईं और अदालत में सभी तथ्य प्रस्तुत किए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बंदी ने जेल में आवश्यक परहेज का पालन नहीं किया, जिससे स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें बढ़ीं।
“सरकारी हत्या” का आरोप, विपक्ष का बहिर्गमन
विपक्षी विधायकों ने जीवन ठाकुर की मौत को “सरकारी हत्या” बताते हुए सदन की समिति से जांच की मांग की। मांग को लेकर नारेबाजी हुई और सदन में हंगामे की स्थिति बन गई। जवाब से असंतुष्ट होकर विपक्ष ने बहिर्गमन किया।
नक्सल पुनर्वास नीति पर भी सरकार से सवाल
सत्र के दौरान नक्सल पुनर्वास नीति को लेकर भी चर्चा हुई। सरकार की ओर से जानकारी दी गई कि वर्ष 2023-24 से 9 फरवरी 2026 तक कुल 1496 इनामी नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। घोषित इनामी राशि में से 4 करोड़ 25 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है। प्रश्नकाल में आत्म समर्पित नक्सलियों का मुद्दा उठा, इस दौरान विक्रम मंडावी और उपमुख्यमंत्री के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। विक्रम मंडावी ने कहा अब तक सिर्फ 2 लोग को 5 लाख की राशि दी गई, मंत्री ने बताया 1496 इनामी नक्सली ने समर्पण किया है। इन पर 49.50 करोड़ इनाम की राशि घोषित थी, ये राशि तीन साल में दो जाएगी।
जेल क्षमता और अपराध दर पर उठे मुद्दे
प्रश्नकाल में यह मुद्दा भी उठा कि जेलों में क्षमता से लगभग 150 प्रतिशत अधिक बंदी हैं। सरकार ने आश्वासन दिया कि जेल प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। पिछले 5 साल में जेल में 351 कैदियों की मौत हुई, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सदन में जानकारी दी। 2021-71, 2022-90, 2023 में 57 कैदियों की मौत हुई। 2024-67 और 2025-26 में 66 कैदियों की मौत हुई।