गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर विकासखंड स्थित ग्राम भेंडरी की प्राथमिक शाला में आठ वर्षीय छात्रा की पिटाई का मामला सामने आया है। आरोप है कि गणित का सवाल हल नहीं कर पाने पर शिक्षक ने बच्ची को कई थप्पड़ मार दिए। घटना के बाद छात्रा के डर और मानसिक परेशानी में होने की बात उसके परिजनों ने कही है। मामले को लेकर परिवार और ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है। संबंधित शिक्षक भागचंद चतुर्वेदी ने छात्रा को थप्पड़ मारने की बात स्वीकार करते हुए अपनी गलती मानी है। उन्होंने माफी मांगते हुए भविष्य में ऐसी घटना दोबारा नहीं होने का आश्वासन दिया है।
गणित का सवाल हल नहीं कर पाने पर मारने का आरोप
मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना 7 अक्टूबर को ग्राम भेंडरी स्थित प्राथमिक शाला में हुई। आठ वर्षीय छात्रा साधना रोज की तरह स्कूल गई थी। इसी दौरान शिक्षक ने उससे गणित का सवाल पूछा। आरोप है कि जब छात्रा सवाल का जवाब नहीं दे पाई, तो शिक्षक ने गुस्से में उसके गाल और कान के पास थप्पड़ मार दिए। घटना के बाद बच्ची के चेहरे पर चोट के निशान दिखाई देने की बात सामने आई है। मामले की जानकारी मिलने के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने घटना पर नाराजगी जताई।
घटना के बाद डरी हुई है छात्रा, पिता ने बताई परेशानी
छात्रा के पिता वेदव्यास के अनुसार, घटना के बाद से उनकी बेटी काफी डरी हुई है। उन्होंने बताया कि बच्ची ठीक से खाना-पीना नहीं कर रही है और रात में सोने में भी परेशानी महसूस कर रही है। पिता ने संबंधित शिक्षक के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि स्कूल में बच्चों के साथ इस तरह का व्यवहार नहीं होना चाहिए। उन्होंने मामले को गंभीरता से लेकर आवश्यक कदम उठाने की अपील की है।
शिक्षक ने स्वीकार की गलती, मांगी माफी
मामले में शिक्षक भागचंद चतुर्वेदी ने छात्रा को थप्पड़ मारने की बात स्वीकार की है। शिक्षक के अनुसार, उन्होंने बच्ची को गणित का सवाल समझाने की कोशिश की थी। जब छात्रा सवाल नहीं समझ पाई, तो उन्होंने गुस्से में उसे एक-दो थप्पड़ मार दिए। शिक्षक ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी और भविष्य में ऐसी घटना नहीं दोहराने की बात कही। हालांकि, मामले में शिक्षा विभाग की ओर से किसी कार्रवाई की पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
ग्रामीणों ने पहले भी बच्चों की पिटाई के लगाए आरोप
ग्रामीण श्यामगिरि गोस्वामी ने आरोप लगाया कि संबंधित शिक्षक पहले भी स्कूली बच्चों की पिटाई कर चुके हैं। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए उचित कार्रवाई की मांग की है। वहीं, पूर्व सरपंच थानेश साहू ने भी छात्रा के साथ हुई कथित मारपीट की निंदा करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित शिक्षक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
राज्यपाल सम्मान से सम्मानित बताए जा रहे शिक्षक
जानकारी के अनुसार, शिक्षक भागचंद चतुर्वेदी को राज्यपाल सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है। ऐसे में छात्रा को थप्पड़ मारने की बात स्वीकार किए जाने के बाद स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और शिक्षकों के व्यवहार को लेकर सवाल उठ रहे हैं। विद्यालय बच्चों के सीखने और उनके सर्वांगीण विकास का स्थान है। ऐसे में पढ़ाई के दौरान सवाल का जवाब नहीं दे पाने पर शारीरिक दंड दिए जाने का आरोप गंभीर चिंता का विषय है। अब परिजनों और ग्रामीणों की मांग है कि शिक्षा विभाग मामले की निष्पक्ष जांच करे और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाए। फिलहाल मुख्य मांग: परिजन और ग्रामीण मामले की जांच कर संबंधित शिक्षक के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। शिक्षा विभाग की आधिकारिक कार्रवाई को लेकर आगे की जानकारी का इंतजार है।