जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में आत्मसमर्पण करने वाले पूर्व नक्सलियों की जिंदगी में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। कभी हथियार और रसद पहुंचाने वाले ये लोग अब कौशल विकास प्रशिक्षण के जरिए रोजगार की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और परिवार के साथ सामान्य जीवन जीने लगे हैं।
हथियार छोड़ अब हुनर की ओर बढ़ रहे कदम
बस्तर क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों से जुड़े रहे लोग अब नई शुरुआत कर रहे हैं। पहले जहां वे माओवादी संगठन के लिए रसद और हथियार पहुंचाने का काम करते थे, वहीं अब वेल्डिंग, कारपेंट्री, इलेक्ट्रिशियन और अन्य तकनीकी काम सीखकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
1607 आत्मसमर्पित नक्सली ले रहे प्रशिक्षण
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, बस्तर संभाग में कुल 1607 आत्मसमर्पित नक्सली विभिन्न कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों में जिलेवार आंकड़े के मुताबिक बीजापुर 619, सुकमा 288, दंतेवाड़ा 257, नारायणपुर 239, कांकेर 142, कोंडागांव 48 और बस्तर 14 शामिल हैं।
लाइवलीहुड कॉलेज बना बदलाव का केंद्र
बस्तर जिला स्थित लाइवलीहुड कॉलेज में कई आत्मसमर्पित नक्सली प्रशिक्षण ले रहे हैं। यहां उन्हें वेल्डिंग, मशीन ऑपरेशन, खेती और अन्य रोजगारपरक कौशल सिखाए जा रहे हैं। प्रशिक्षण ले रहे युवाओं का कहना है कि वे पहले नक्सलियों के लिए काम करते थे, लेकिन अब उन्होंने हिंसा का रास्ता छोड़कर सम्मानजनक जीवन अपनाने का निर्णय लिया है।
सरकार की पुनर्वास नीति से मिला नया जीवन
आत्मसमर्पित युवाओं का कहना है कि पहले उनकी जिंदगी पर कई पाबंदियां थीं, न परिवार, न स्वतंत्रता। अब वे अपने परिवार के साथ रह सकते हैं, समाज में खुलकर जी सकते हैं और भविष्य के सपने देख सकते हैं। सरकार की पुनर्वास नीति और समाज की स्वीकार्यता ने उन्हें एक नई पहचान दी है।
रोजगार के लिए दिए जा रहे आधुनिक कोर्स
बस्तर रेंज पुलिस के अनुसार, आत्मसमर्पितों को रोजगार से जोड़ने के लिए कई तरह के प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं, जैसे जेसीबी ऑपरेटर, ट्रैक्टर ड्राइविंग, इलेक्ट्रिशियन, होटल मैनेजमेंट, माली (गार्डनिंग), कारपेंट्री इन प्रशिक्षणों का उद्देश्य उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। बस्तर में आत्मसमर्पित नक्सलियों की बदलती जिंदगी यह दिखाती है कि सही दिशा और अवसर मिलने पर कोई भी व्यक्ति हिंसा छोड़कर सामान्य और सम्मानजनक जीवन जी सकता है। कौशल विकास और पुनर्वास योजनाएं इस बदलाव की मजबूत नींव साबित हो रही हैं।

