आगर मालवा : मध्यप्रदेश के आगर मालवा में उज्जैन लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग में पदस्थ बाबू को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी बाबू ने विभाग के सेवानिवृत्त व लकवाग्रस्त अधिकारी के लंबित भुगतान जारी कराने के बदले 1 लाख 50 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। फरयादी की शिकायत पर लोकायुक्त ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया।
लंबित भुगतान जारी कराने के बदले मांगी रिश्वत
दरअसल, फरियादी विजय बोरसिया के पिता गोवर्धनलाल बोरसिया खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग से वर्ष 2024 में सेवानिवृत्त हुए थे। वर्तमान में वे लकवाग्रस्त हैं। सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली ग्रेच्युटी, बीमा, पेंशन और अन्य वित्तीय देयकों का भुगतान लंबे समय से लंबित था। स्वास्थ्य कारणों से गोवर्धनलाल स्वयं कार्यालय नहीं जा सकते थे, इसलिए उनके पुत्र विजय बोरसिया भुगतान संबंधी प्रक्रिया पूरी करने के लिए विभाग के चक्कर लगा रहे थे।लेकिन आरोपी बाबू मनीष पिता राधारमण पंड्या ने सहयोग करने की जगह काम करने के लिए 1 लाख 50 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। जिसकी शिकायत फरयादी ने लोकायुक्त में कर मदद की गुहार लगाई।
लोकायुक्त ने ट्रैप का प्लान बनाया
शिकायत सही पाए जाने के बाद लोकायुक्त ने ट्रैप का प्लान बनाया और जब फरयादी 10 जुलाई को पैसे - चेक लेकर निर्धारित जगह पर पहुंचा तो लोकायुक्त की टीम की उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। लोकायुक्त की इस कार्रवाई से विभाग में जहां हड़कप मच गया है। तो वही आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।