भोपाल। दो माह बाद सोमवार से विवाहों के मुहूर्त फिर से शुरू हो गए। पहले दिन श्ाहर में 500 से अधिक विवाह हुए। मैरिज गार्डन, शादी हाल और होटलों के बाहर शहनाइयों की गूंज सुनाई दी। इस माह विवाह मुहूर्त सिर्फ नौ दिन ही रहेंगे। इसके बाद 17 जुलाई से देवशयनी एकादशी से चातुर्मास लग जाएगा। इससे चार माह के लिए विवाह नहीं होंगे। इसके बाद विवाह देवउठनी एकादशी के बाद नवंबर में ही शुरू होंगे। नौ दिनों में शहर में 1500 से अधिक जोड़ों के विवाह होंगे। इधर सहालग की खरीदी के लिए बाजारों में रोनक देखी गई। वर्षा का मौसम होने के कारण घोड़ी की जगह बग्घियों में बारातें निकलती हुई दिखीं।
भड़लिया नवमी का अबूझ मुहूर्त
ज्योतिषाचार्य रामजीवन दुबे ने बताया कि इस बार जुलाई माह में विवाह के लिए सबसे खास मुहूर्त 9, 11, 15 और 16 जुलाई के हैं। इसमें 15 जुलाई को भड़लिया नवमी का अबूझ मुहूर्त भी शामिल है। जून यानी दो माह तक गुरु व शुक्र के अस्त रहने की वजह से विवाह मुहूर्त नहीं थे। गुरु ग्रह तीन जून और शुक्र ग्रह 28 जून को उदय हो चुका है।
बजरंगबली और माता रानी का आशीर्वाद लेकर 111 शिव भक्तों का जत्था रवाना
ओम शिव शक्ति सेवा मंडल के सचिव रिंकू भटेजा ने बताया कि मंडल के 111 शिव भक्तों का 11वां जत्था मालवा एक्सप्रेस से बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए अमरनाथ रवाना हुआ। इस जत्थे में मंडीदीप और भोपाल के भक्त शामिल है। मंडीदीप के भक्तों द्वारा खेड़ापति माता मंदिर में इकठ्ठे होकर यात्रा की कुशलता के लिए पूजा अर्चना की गई। इस जत्थे का नेतृत्व फूल सिंह परमार और आलोक भार्गव द्वारा किया जाएगा। रिंकू भटेजा ने बताया कि बुधवार शाम को प्रदेश का सबसे बड़ा 614 शिव भक्तों का जत्था बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए मालवा एक्सप्रेस से रवाना होगा। इस जत्थे को मध्य प्रदेश शासन में युवा कल्याण एवं खेल मंत्री विश्वास सारंग, महापौर मालती राय एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों द्वारा विदाई दी जाएगी।
माता के दर्शन के लिए लगी भीड़
अाषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि के चौथे दिन मंगलवार को राजधानी के मंदिरों में माता रानी के दर्शन करने बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। इस दौरान उन्होंने माता की पूजा अर्चना कर प्रसाद चढ़ाया। वहीं नगर में भी नवरात्रि पर कई धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं।