MP Congress: मध्यप्रदेश कांग्रेस में सियासी घमासान मचा हुआ है। जी हां राज्य के तीन बड़े नेताओं ने पूर्व सीएम दिग्विजय के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दरअसल, पिछले दिनों कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष और दिग्विजय के बीच तनातनी देखने को मिली। जिसके बाद दिग्विजय के खिलाफ पार्टी नेताओं ने तगड़ी घेराबंदी की है। जिसमें एमपी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरुण यादव, प्रदेश महासचिव निधि सत्यव्रत चतुर्वेदी और मध्यप्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा शामिल है।
इन नेताओं ने दिग्विजय के मामले में हाईकमान से हस्तक्षेप की मांग की है। हालांकि इस पूरे विवाद पर दिग्विजय सिंह का कोई बयान सामने नहीं आया है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने उज्जैन के वीर भारत न्यास को एक रुपए में 500 करोड़ की जमीन देने का आरोप लगाया था। वहीं, पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने जीतू पटवारी के आरोप को गलत बताया था। जिसके बाद वह बुरी तरह घिर गए हैं। उनके खिलाफ कांग्रेस के कई नेताओं ने एकजुट होकर मोर्चा खोल दिया है। पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरुण यादव, प्रदेश महासचिव निधि सत्यव्रत चतुर्वेदी और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने हाईकमान से हस्तक्षेप की मांग की है। इन नेताओं ने दिग्विजय सिंह पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की भी मांग की।
सिंघार ने की दिग्गी से मुलाकात
एमपी कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के हमलावर रुख के साथ ही मध्यप्रदेश कांग्रेस गुटबाजी खुलकर सामने है। फिलहाल पूरे मामले में दिग्विजय सिंह ने चुप्पी साध ली है। हालांकि उनके समर्थक नाराजगी जता रहे हैं। वहीं, एमपी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने दिग्विजय सिंह के घर जाकर उनसे मुलाकात कर बंद कमरे में बातचीत की। बुधवार देर शाम हुई यह मुलाकात भी पार्टी के नेताओं में चर्चा का विषय बनी रही। इन सब गतिविधियों से पार्टी के अंदर गुटबाजी और विवाद खुलकर सामने आ गए हैं।
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