ग्वालियर/इंदौर। मध्य प्रदेश में आज व्यापारी संगठन डिजिटल भुगतान से जुड़े प्रस्तावित शुल्क के विरोध में ‘नो UPI डे’ मना रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि 15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से अधिक के UPI लेनदेन पर MDR (Merchant Discount Rate) लागू किए जाने का प्रस्ताव कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल सकता है। इसी के विरोध में आज व्यापारी सड़कों पर उतर कर नए यूपीआई चार्ज के विरोध में प्रदर्शन कर रहे है।
UPI के जरिए भुगतान नही किए स्वीकार
ग्वालियर में मध्य प्रदेश चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री और CAIT समेत कई व्यापारिक संगठनों ने आंदोलन का समर्थन किया है। व्यापारी आज UPI के जरिए न भुगतान कर रहे है, ना ही भुगतान स्वीकार कर रहे है। इतना ही नहीं राजीव प्लाजा पर धरना देकर प्रस्तावित शुल्क के खिलाफ विरोध दर्ज कराया गया।
QR कोड पर डाले गए काले कपड़े
यह विरोध प्रदर्शन भोपाल, इंदौर, जबलपुर समेत अन्य शहरों में भी किया जा रहा है। इतना ही नहीं कई दुकानों पर UPI स्कैनर और QR कोड को काले कपड़े से ढककर विरोध किया गया। साथ ही व्यापारियों ने 'यूपीआई बंद करो, यूपीआई पर चार्ज बंद करो' के नारे भी लगाए।
125 से अधिक व्यापारियों ने किया प्रदर्शन
तो वही इंदौर में इस प्रदर्शन में 125 से अधिक व्यापारिक संगठनों ने अपना समर्थन दिया। हालांकि, पेट्रोल-डीजल पंप एसोसिएशन ने खुद को इस आंदोलन से अलग रखा है। व्यापारियों का कहना है कि UPI पर अतिरिक्त शुल्क लागू होने से डिजिटल भुगतान की लागत बढ़ सकती है और इसका असर कारोबार पर पड़ेगा।
15 अक्टूबर से लागू होंगे नियम
बता दें कि 15 अक्टूबर से लागू होने वाले नए यूपीआई चार्ज के चलते व्यापारियों को 2,000 रुपए से ज्यादा के पर्सन-टु-मर्चेंट यूपीआई भुगतान पर 0.4% एमडीआर लगेगा, जिसकी अधिकतम राशि 300 रुपए होगी। इसी के चलते यह प्रदर्शन किया जा रहा है।