रायपुर। छत्तीसगढ़ भाजपा संगठन में लंबे समय से खाली चल रहे प्रदेश प्रभारी के पद पर अब नई नियुक्ति हो गई है। भाजपा ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ का प्रदेश प्रभारी बनाया है। वहीं राष्ट्रीय सचिव सिद्धार्थ शंभु को सहप्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रदेश संगठन में इन नियुक्तियों के बाद अब राष्ट्रीय नेतृत्व और छत्तीसगढ़ भाजपा के बीच समन्वय की जिम्मेदारी नई टीम के हाथों में होगी।
नितिन नबीन के अध्यक्ष बनने के बाद खाली था पद
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर नितिन नबीन की जिम्मेदारी संभालने के बाद छत्तीसगढ़ के प्रदेश प्रभारी का पद रिक्त था। अब पार्टी ने स्मृति ईरानी को यह जिम्मेदारी देकर संगठन में खाली पद को भर दिया है। भाजपा ने 17 अगस्त 2026 को अपनी नई राष्ट्रीय टीम की घोषणा की थी। इस टीम में स्मृति ईरानी समेत आठ नेताओं को राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया था, जबकि सिद्धार्थ शंभु को राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी मिली थी।
प्रदेश संगठन में दोनों नेताओं की रहेगी भूमिका
प्रदेश प्रभारी का काम केवल संगठनात्मक बैठकों तक सीमित नहीं रहता। राज्य संगठन और केंद्रीय नेतृत्व के बीच तालमेल, पार्टी की गतिविधियों की समीक्षा और संगठन से जुड़े कार्यक्रमों की निगरानी भी इस जिम्मेदारी का हिस्सा होती है। स्मृति ईरानी के साथ सिद्धार्थ शंभु को सहप्रभारी बनाए जाने के बाद छत्तीसगढ़ भाजपा में संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर दोनों नेताओं की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
भाजपा की राष्ट्रीय टीम में छत्तीसगढ़ को भी प्रतिनिधित्व
भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में छत्तीसगढ़ से जुड़े नेताओं को भी अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं। रूप कुमारी चौधरी को महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष और दीपक म्हस्के को सोशल मीडिया से जुड़ी राष्ट्रीय जिम्मेदारी दी गई है।
ऐसे में प्रदेश प्रभारी और सहप्रभारी की नई नियुक्ति को राज्य संगठन के स्तर पर एक और महत्वपूर्ण संगठनात्मक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।
किरण सिंहदेव के लौटने के साथ संगठन में बढ़ेगा समन्वय
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव भी दिल्ली से छत्तीसगढ़ लौट रहे हैं। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार वे बुधवार शाम रायपुर पहुंचेंगे और इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर संगठनात्मक जिम्मेदारियां संभालेंगे। अब प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश प्रभारी और सहप्रभारी के बीच समन्वय के साथ आने वाले दिनों में भाजपा की संगठनात्मक बैठकों और आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर नजर रहेगी।
