बस्तर जिले के नानगुर ब्लॉक में खाद के भंडारण को लेकर गंभीर अनियमितता का मामला सामने आया है। कृषि विभाग की जांच के दौरान एक सीलबंद गोदाम में रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक के बीच बड़ा अंतर पाया गया। जांच में 1200 से अधिक यूरिया के पैकेट और कई बोरे पोटाश गायब मिले, जिससे विभागीय निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।
सत्यापन के दौरान खुली गड़बड़ी की परतें
जानकारी के अनुसार, कृषि विभाग की टीम नियमित सत्यापन और निरीक्षण के लिए गोदाम पहुंची थी। इस दौरान उपलब्ध स्टॉक का मिलान दस्तावेजों में दर्ज आंकड़ों से किया गया, जिसमें भारी कमी सामने आई। अधिकारियों के अनुसार, रिकॉर्ड में दर्ज खाद की मात्रा और गोदाम में मौजूद सामग्री में बड़ा अंतर पाया गया है।
कृषि केंद्र संचालक को जारी किया गया नोटिस
मामले को गंभीर मानते हुए कृषि विभाग ने संबंधित अनन्या कृषि केंद्र के संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। संचालक को 22 जून को विभागीय कार्यालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने और स्टॉक में आई कमी के संबंध में जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं।
शिकायत सही मिलने पर होगी सख्त कार्रवाई
कृषि विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच में यदि अनियमितता और स्टॉक गायब होने की शिकायत सही पाई जाती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग फिलहाल पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रहा है।
किसानों ने जताई चिंता
स्थानीय किसानों का कहना है कि खेती के महत्वपूर्ण मौसम में खाद की कमी गंभीर समस्या बन सकती है। समय पर खाद उपलब्ध नहीं होने से बोवाई और फसलों की वृद्धि प्रभावित होने की आशंका है। किसानों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
कमी के कारणों की तलाश में जुटा विभाग
फिलहाल कृषि विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि गोदाम से खाद का इतना बड़ा स्टॉक कैसे और किन परिस्थितियों में गायब हुआ। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।