भोपाल : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ई अटेंडेंस को लेकर एक बार फिर शिक्षक सड़कों पर उतरेंगे और हल्ला बोल करेंगे। अटेंडेंस व्यवस्था को लेकर कल यानि की 18 जनवरी को बड़ी संख्या में शिक्षक अंबेडकर पार्क में एकत्रित होंगे और विशाल धरना-प्रदर्शन कर सीएम मोहन यादव के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। बता दें कि लंबे समय से मध्य प्रदेश में ई-अटेंडेंस सिस्टम को लेकर सरकारी शिक्षकों और शिक्षा विभाग के बीच टकराव जारी है। जो धीरे धीरे कर बढ़ता ही जा रहा है।
निजी सुरक्षा और गोपनीयता के लिए खतरा
दरअसल, मध्य प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षकों की विद्यालय में उपस्थिति के लिए ई-अटेंडेंस ऐप लागू किया गया है, जिसमें मोबाइल डिवाइस में लोकेशन और इंटरनेट की अनिवार्यता रखी गई है। जिसके बंद करने के लिए लगातार शिक्षक विरोध कर रहे है। शिक्षकों का कहना है कि वे उपस्थिति दर्ज कराने के विरोध में नहीं हैं, लेकिन व्यक्तिगत मोबाइल और निजी डेटा के उपयोग को अनिवार्य करना उन्हें प्रताड़ना जैसा लग रहा है। शिक्षक नेताओं का आरोप है कि सरकार उनकी सहमति के बिना निजी मोबाइल और इंटरनेट डेटा का इस्तेमाल करने को मजबूर कर रही है।
साइबर फ्रॉड जैसी घटनाएं सामने आ रही
शिक्षकों का आरोप है कि ऐप के जरिए चेहरे की पहचान, बैंक खाता, समग्र आईडी और माता-पिता से जुड़ी जानकारी ली जा रही है, जिससे डेटा लीक होने का गंभीर खतरा बना हुआ है। इसके अलावा, 24 घंटे लोकेशन ऑन रखने की बाध्यता को भी उन्होंने निजी सुरक्षा और गोपनीयता के लिए खतरा बताया है।
बायोमेट्रिक मशीनें लगाने की मांग
शिक्षकों का यह भी कहना है कि ऐप डाउनलोड करने के बाद उनके साथ साइबर फ्रॉड जैसी घटनाएं सामने आई हैं। इसी वजह से शिक्षक मोबाइल ऐप की जगह स्कूलों में बायोमेट्रिक मशीनें लगाने की मांग कर रहे। शिक्षकों की यह भी मांग है कि तकनीकी कारणों से रोके गए वेतन को तुरंत जारी किया जाए और मैनुअल रजिस्टर में दर्ज उपस्थिति को ही वेतन का आधार माना जाए।