नेपाल में पिछले कुछ हफ्तों से चल रहे Gen Z आंदोलन ने बड़ा असर दिखाया है। गुरुवार, 11 सितंबर 2025, को इस आंदोलन से जुड़े युवाओं ने घोषणा की कि पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुषिला कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री बनाया जाएगा। साथ ही यह भी तय किया गया है कि छह महीनों के भीतर आम चुनाव कराए जाएंगे।
राजनीतिक संकट के बीच युवाओं ने उठाई कमान
प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के इस्तीफे के बाद नेपाल में सत्ता को लेकर भारी असमंजस की स्थिति थी। तमाम बड़े नेता और राजनीतिक दल किसी फैसले पर नहीं पहुंच पा रहे थे। इस बीच Gen Z युवाओं ने मोर्चा संभाला और आम सहमति से सुषिला कार्की को अंतरिम सरकार की कमान सौंपने का निर्णय लिया।
कौन हैं सुषिला कार्की?
सुषिला कार्की, नेपाल की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश रह चुकी हैं। उनका कार्यकाल जुलाई 2016 से जून 2017 तक रहा और वह अपने निष्पक्ष रवैये और सख्त फैसलों के लिए जानी जाती हैं। युवाओं का मानना है कि कार्की के नेतृत्व में देश को ईमानदारी और पारदर्शिता मिलेगी।
6 महीने में होंगे पारदर्शी चुनाव
आंदोलनकारी युवाओं ने साफ कहा है कि सुषिला कार्की की अंतरिम सरकार अगले 6 महीनों में पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव कराएगी, जिसमें जनता अपने नए नेता को चुनेगी। खासतौर पर युवा वोटर को इस प्रक्रिया में अहम भूमिका दी जाएगी।
आंदोलन की शुरुआत कैसे हुई?
यह विरोध तब शुरू हुआ जब सरकार ने 8 सितंबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बैन लगा दिया। सरकार ने इसका कारण टैक्स और साइबर सुरक्षा बताया, लेकिन युवाओं ने इसे अभिव्यक्ति की आज़ादी पर हमला बताया। इसके बाद देशभर में भारी प्रदर्शन हुए और मामला इतना बढ़ा कि प्रधानमंत्री ओली को इस्तीफा देना पड़ा और देश छोड़ना पड़ा।