उज्जैन। सिंहस्थ 2028 को लेकर मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में अभूतपूर्व स्तर पर विकास कार्य किए जा रहे हैं। करोड़ों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए शहर के आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाने के लिए करीब 25 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। प्रशासन का लक्ष्य है कि सिंहस्थ शुरू होने से पहले श्रद्धालुओं को आधुनिक, सुरक्षित और सुगम सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
22 नए पुलों से मिलेगी ट्रैफिक जाम से राहत
सिंहस्थ मेले के दौरान भारी यातायात को ध्यान में रखते हुए शहर में 22 नए पुलों का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही कई पुराने पुलों का चौड़ीकरण भी किया जा रहा है। चामुंडा माता चौराहा से फ्रीगंज तक समानांतर पुल बनने से शहर के प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव काफी कम होने की उम्मीद है।
29 किलोमीटर लंबे आधुनिक घाट होंगे तैयार
शिप्रा नदी में होने वाला शाही स्नान सिंहस्थ का सबसे बड़ा आकर्षण होता है। इसी को देखते हुए लगभग 29 किलोमीटर लंबे नए घाट विकसित किए जा रहे हैं। इन घाटों को इस तरह तैयार किया जा रहा है कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से स्नान कर सकें।
सड़कों और हाईवे का हो रहा विस्तार
महाकाल मंदिर से जुड़े प्रमुख मार्गों सहित शहर के कई व्यस्त इलाकों में सड़क चौड़ीकरण का कार्य तेजी से जारी है। इसके अलावा उज्जैन को अन्य शहरों से जोड़ने वाले प्रमुख हाईवे को चार और छह लेन में विकसित किया जा रहा है, जिससे यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी।
रेलवे नेटवर्क भी होगा मजबूत
सिंहस्थ के दौरान यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए 236 विशेष ट्रेनों के संचालन की योजना बनाई गई है। साथ ही 7 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है, ताकि यात्रियों को बेहतर यात्री सुविधाएं और सुचारु संचालन मिल सके।
अतिक्रमण हटाकर तैयार हो रहा नया उज्जैन
विकास परियोजनाओं के साथ-साथ प्रशासन शहर में अवैध अतिक्रमण हटाने और प्रमुख मार्गों को चौड़ा करने का अभियान भी चला रहा है। इससे यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और भविष्य में शहर का विकास अधिक व्यवस्थित तरीके से हो सकेगा।
धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
सरकार का कहना है कि ये परियोजनाएं केवल सिंहस्थ 2028 तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उज्जैन को भविष्य के आधुनिक धार्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दीर्घकालिक योजना का हिस्सा हैं। इससे पर्यटन, व्यापार और स्थानीय रोजगार को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।