राहुल यादव, उज्जैन: धार्मिक नगरी उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकाल मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था और वीआईपी प्रोटोकॉल नियमों की उस समय पोल खुलकर रह गई, जब फिल्म 'पुष्पा' के अल्लू अर्जुन के गेटअप में एक युवक मंदिर के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले जोन में दाखिल हो गया।
हैरान कर देने वाली बात यह है कि मंदिर परिसर के अंदर अमर्यादित कपड़ों, रील्स बनाने और मोबाइल से फोटोग्राफी पर पूरी तरह से प्रतिबंध लागू है, लेकिन इसके बावजूद सुरक्षाकर्मियों ने इस युवक को बाहर का रास्ता दिखाने के बजाय उसके साथ 'फैन' की तरह तस्वीरें खिंचवाईं। हद तो तब हो गई जब नियमों को ताक पर रखकर उसे सीधे गणेश मंडपम तक वीआईपी दर्शन कराए गए। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने बड़ी कार्रवाई की है।
फिल्मी अंदाज में एंट्री
युवक दक्षिण भारतीय फिल्म 'पुष्पा-2' के पोस्टर में दिखाए गए अल्लू अर्जुन के प्रसिद्ध 'गंगम्मा' वाले लुक में था। वह साड़ी-ब्लाउज, नथनी, पैरों में पायल और गले में नींबू की माला पहनकर मंदिर पहुंचा था। मानसरोवर गेट पर तैनात आधा दर्जन से अधिक निजी सुरक्षाकर्मियों ने जब उसे इस रूप में देखा, तो वे सुरक्षा प्रोटोकॉल भूल गए। उन्होंने युवक को टोकने या उसकी जांच करने के बजाय उसके साथ कतार लगाकर मोबाइल से सेल्फी और फोटो खिंचवाना शुरू कर दिया।
मिला वीआईपी प्रोटोकॉल
सुरक्षाकर्मियों की इस लापरवाही के बीच मंदिर का ही एक ज़िम्मेदार कर्मचारी उस युवक का गाइड बन गया। उसने युवक को आम श्रद्धालुओं की कतार से अलग हटाकर 'स्पेशल प्रोटोकॉल' दिया और सीधे गणेश मंडपम के सामने लाकर खड़ा कर दिया। वीआईपी ट्रीटमेंट का लुत्फ उठाते हुए उस युवक ने महाकाल मंदिर परिसर के प्रतिबंधित क्षेत्रों का वीडियो कैमरे से रिकॉर्ड किया और बाद में इसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। वीडियो वायरल होते ही मंदिर की सुरक्षा और मर्यादा को लेकर चौतरफा सवाल उठने लगे।
प्रथम कौशिक का बड़ा एक्शन
धार्मिक आस्था और सुरक्षा से जुड़े इस मामले पर न्यूज़ चैनलों और सोशल मीडिया पर बवाल मचने के बाद मंदिर प्रबंध समिति तुरंत हरकत में आई। मामले की गंभीरता को देखते हुए महाकाल मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने तुरंत कड़ा रुख अख्तियार किया। उन्होंने ऑन-ड्यूटी लापरवाही बरतने के आरोप में संबंधित सुरक्षा सुपरवाइजर को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया है। इसके साथ ही पूरी घटना की विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं कि आखिर इतने कड़े सुरक्षा घेरे को पार कर कोई व्यक्ति आपत्तिजनक कपड़ों और कैमरे के साथ गर्भगृह के इतने नजदीक कैसे पहुंच गया।