रायपुर। छत्तीसगढ़ के पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में अब आधुनिक तकनीकी शिक्षा की नई शुरुआत होने जा रही है। विधायक भावना बोहरा की पहल पर तैयार की गई 'भावना दीदी की साइंस पाठशाला' मोबाइल इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब का शुभारंभ बुधवार को विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने किया।इस अवसर पर दोनों नेताओं ने हाईटेक सुविधाओं से लैस मोबाइल लैब को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह विशेष बस पंडरिया विधानसभा के ग्रामीण, वनांचल और सरकारी विद्यालयों के साथ-साथ सरस्वती शिशु मंदिरों तक पहुंचेगी, जहां विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
AI से लेकर रोबोटिक्स तक का मिलेगा प्रशिक्षण
मोबाइल साइंस लैब में पांच प्रशिक्षकों की टीम विद्यार्थियों को चरणबद्ध तरीके से तीन से पांच दिन की कार्यशालाओं के माध्यम से प्रशिक्षण देगी। शुरुआत में कक्षा 10वीं, 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को शामिल किया जाएगा। प्रशिक्षण में शामिल प्रमुख विषय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, ड्रोन एवं एयरोमॉडलिंग, 3D प्रिंटिंग, कोडिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), ऑगमेंटेड एवं वर्चुअल रियलिटी (AR/VR) कार्यशाला पूरी करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया जाएगा।

एक साल में 5 हजार से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंचेगी पहल
इस परियोजना का लक्ष्य एक वर्ष के भीतर 5000 से अधिक सरकारी और सरस्वती शिशु मंदिर के विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा से जोड़ना है। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार, रचनात्मकता, समस्या समाधान क्षमता और भविष्य की तकनीकों के अनुरूप कौशल विकसित करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि वे रोजगार और करियर के नए अवसरों के लिए तैयार हो सकें।
ग्रामीण और वनांचल के विद्यार्थियों को मिलेगा बड़ा अवसर
पंडरिया विधानसभा का बड़ा हिस्सा ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में स्थित है। ऐसे में मोबाइल टेक्नोलॉजी लैब विद्यार्थियों तक सीधे उनके स्कूलों में पहुंचेगी। इससे गांवों के छात्रों को भी वही तकनीकी शिक्षा और संसाधन उपलब्ध होंगे, जो अब तक बड़े शहरों तक सीमित माने जाते थे। इसका उद्देश्य ग्रामीण और शहरी शिक्षा के बीच तकनीकी अंतर को कम करना है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की पहल की सराहना
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि नई शिक्षा व्यवस्था का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकों के अनुरूप तैयार करना भी है। उन्होंने कहा कि 'भावना दीदी की साइंस पाठशाला' जैसी पहल ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगी और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
डॉ. रमन सिंह बोले-यह पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणादायक मॉडल
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि यह केवल एक मोबाइल लैब नहीं, बल्कि ग्रामीण प्रतिभाओं को नई उड़ान देने वाला अभियान है। उन्होंने कहा कि जब सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी स्वयं ड्रोन उड़ाएंगे, रोबोट संचालित करेंगे और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीकों को व्यवहारिक रूप से सीखेंगे, तब उनका आत्मविश्वास और कौशल दोनों बढ़ेंगे।
भावना बोहरा ने बताया पहल का उद्देश्य
विधायक भावना बोहरा ने कहा कि किसी भी समाज और राष्ट्र की प्रगति उसकी शिक्षा की गुणवत्ता से तय होती है।उन्होंने कहा कि आज का दौर AI, डिजिटल टेक्नोलॉजी और नवाचार का है। इसलिए यह आवश्यक है कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे भी इन तकनीकों से परिचित हों और उन्हें सीखने का समान अवसर मिले।उन्होंने विश्वास जताया कि 'भावना दीदी की साइंस पाठशाला' ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का नया मंच प्रदान करेगी और उन्हें भविष्य की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेगी।
