रायपुर। छत्तीसगढ़ में संत रविदास जयंती को लेकर आयोजित कलश वंदन अभियान के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सामाजिक समरसता और संत परंपरा को सम्मान देने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि संत रविदास के विचार आज भी समाज को समानता, भाईचारे और मानवता का मार्ग दिखाते हैं, इसलिए उनके संदेशों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
माघी पूर्णिमा पर रहेगा सार्वजनिक अवकाश
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब से हर वर्ष माघी पूर्णिमा के दिन, जो संत रविदास जयंती के रूप में मनाई जाती है, पूरे छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक अवकाश रहेगा। उन्होंने कहा कि यह निर्णय प्रदेशवासियों की आस्था और संत रविदास के प्रति सम्मान को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
संत रविदास के नाम पर शुरू होगा राज्य अलंकरण पुरस्कार
सरकार ने संत रविदास के नाम पर राज्य अलंकरण पुरस्कार शुरू करने का भी निर्णय लिया है। यह सम्मान समाज सेवा, सामाजिक न्याय और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों को प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे समाज में सेवा और समर्पण की भावना को प्रोत्साहन मिलेगा।
नया रायपुर में संत रविदास के नाम पर होगा प्रमुख चौक
मुख्यमंत्री ने बताया कि नया रायपुर के एक प्रमुख चौक का नाम संत रविदास के नाम पर रखा जाएगा। उनका कहना है कि इससे आने वाली पीढ़ियां संत रविदास के सामाजिक सुधार, समानता और मानवता के संदेश से प्रेरणा ले सकेंगी।
विधानसभा परिसर में अंकित होगा संत रविदास का संदेश
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने यह भी घोषणा की कि छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर में संत रविदास का प्रेरणादायी संदेश अंकित कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के सर्वोच्च मंच पर सामाजिक समानता और न्याय का संदेश अंकित होना पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात होगी।
समरस समाज के निर्माण का किया आह्वान
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि संत रविदास ने जीवनभर जाति-पांति से ऊपर उठकर मानवता, समानता और सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया। उन्होंने प्रदेशवासियों से संत रविदास के आदर्शों को अपनाने और समरस एवं न्यायपूर्ण समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।