पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद को लेकर जारी विवाद पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने फिलहाल कोई अंतरिम राहत देने से मना कर दिया है। अदालत के इस फैसले के बाद विधानसभा अध्यक्ष द्वारा की गई ऋतब्रत बनर्जी की नियुक्ति यथावत बनी रहेगी। मामले में अगली सुनवाई 28 जुलाई को निर्धारित की गई है।
नेता प्रतिपक्ष पद के लिए सामने आए थे दो दावेदार
तृणमूल कांग्रेस के भीतर नेता प्रतिपक्ष के पद को लेकर दो अलग-अलग गुटों ने अपने-अपने उम्मीदवारों के नाम आगे बढ़ाए थे। पार्टी नेतृत्व के समर्थन वाले गुट ने शोभनदेब चट्टोपाध्याय का नाम प्रस्तावित किया था, जबकि बागी विधायकों के समूह ने ऋतब्रत बनर्जी को उम्मीदवार बनाया था। विधानसभा अध्यक्ष रथींद्र बसु ने ऋतब्रत बनर्जी के नाम को मंजूरी देते हुए उन्हें नेता प्रतिपक्ष घोषित कर दिया था।
नियुक्ति के खिलाफ पहुंचा मामला हाईकोर्ट
स्पीकर के इस निर्णय को चुनौती देते हुए शोभनदेब चट्टोपाध्याय ने कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने अदालत से नियुक्ति पर रोक लगाने और मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की थी।
कोर्ट ने मांगा दोनों पक्षों का जवाब
गुरुवार को सुनवाई के दौरान जस्टिस कृष्णा राव ने स्पष्ट किया कि इस स्तर पर अदालत कोई अंतरिम आदेश जारी नहीं करेगी। कोर्ट ने दोनों पक्षों को अपने-अपने हलफनामे दाखिल करने का निर्देश देते हुए दो सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करने को कहा है।
28 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 28 जुलाई तय की है। तब तक विधानसभा अध्यक्ष का फैसला प्रभावी रहेगा और ऋतब्रत बनर्जी नेता प्रतिपक्ष के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभाते रहेंगे।