रायपुर। ट्रांसजेंडर समुदाय की प्रतिभाओं को पहचान और सम्मान दिलाने के साथ उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में रायपुर में ‘उड़ान- सपनों से सम्मान तक’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। श्रीवांशा फाउंडेशन की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में समुदाय के प्रतिभावान और संघर्षशील सदस्यों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान सामाजिक स्वीकार्यता, आत्मसम्मान, आत्मनिर्भरता और समान अवसर जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई।
प्रतिभा और संघर्ष को मिला सम्मान
कार्यक्रम में ट्रांसजेंडर समुदाय के ऐसे सदस्यों की उपलब्धियों और जीवन संघर्ष को सामने लाया गया, जिन्होंने विभिन्न चुनौतियों के बावजूद अपनी पहचान और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का प्रयास किया है। वक्ताओं ने कहा कि समाज में हर व्यक्ति को समान अवसर और सम्मान के साथ अपनी पहचान के अनुरूप जीवन जीने तथा आगे बढ़ने का अधिकार है। ‘उड़ान’ कार्यक्रम के माध्यम से भेदभाव कम करने और ट्रांसजेंडर समुदाय को सामाजिक मुख्यधारा से जोड़ने का संदेश दिया गया।
मुख्य अतिथि संजय श्रीवास्तव ने बढ़ाया प्रतिभागियों का मनोबल
कार्यक्रम में संजय श्रीवास्तव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया और श्रीवांशा फाउंडेशन द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों की सराहना की। उन्होंने संस्था को भविष्य में भी समाजहित से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए शुभकामनाएं दीं। वहीं समाज कल्याण विभाग की ओर से भदौरिया जी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए किए जा रहे प्रयासों पर चर्चा की और ऐसे आयोजनों को सामाजिक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।
मानसिक स्वास्थ्य पर हुआ विशेष सत्र
‘उड़ान’ कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर भी विशेष सत्र आयोजित किया गया। ग़ज़ल लूथरा ने ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्यों को मानसिक और भावनात्मक चुनौतियों से निपटने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए सकारात्मक सोच बनाए रखने और मानसिक रूप से मजबूत रहने के महत्व पर बात की। कार्यक्रम में ट्रांसजेंडर समुदाय से रबीना बररैया और ज्योति मां भी उपस्थित रहीं। उन्होंने श्रीवांशा फाउंडेशन की पहल की सराहना करते हुए ‘उड़ान’ कार्यक्रम को समुदाय के लिए उपयोगी और आवश्यक पहल बताया। साथ ही संस्था के आगामी सामाजिक कार्यों के लिए शुभकामनाएं दीं।
सम्मान के साथ आत्मनिर्भरता पर भी जोर
कार्यक्रम का उद्देश्य केवल प्रतिभाओं को सम्मानित करना नहीं था, बल्कि ट्रांसजेंडर समुदाय के बीच आत्मसम्मान, आत्मनिर्भरता, पहचान और सामाजिक स्वीकार्यता को मजबूत करने का संदेश देना भी रहा। श्रीवांशा फाउंडेशन की ओर से भविष्य में भी समाज के विभिन्न वर्गों के साथ मिलकर ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई। कार्यक्रम में फाउंडेशन की फाउंडर डॉ. सुष्मिता दीक्षित, संरक्षक दीपक पांडेय, डायरेक्टर अमितेश पांडेय सहित संस्था की टीम और अन्य गणमान्य अतिथि मौजूद रहे। ‘उड़ान- सपनों से सम्मान तक’ कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि प्रतिभा और संघर्ष किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं हैं। अवसर और सम्मान मिलने पर हर व्यक्ति समाज में अपनी अलग पहचान बना सकता है।