रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से मंत्रालय और नवा रायपुर स्थित सरकारी कार्यालयों तक रोजाना आने-जाने वाले कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। मौजूदा बस संचालन एजेंसी का अनुबंध 31 अक्टूबर को समाप्त होने जा रहा है। यदि निर्धारित समय तक नई व्यवस्था नहीं की गई, तो 1 नवंबर से बस सेवा प्रभावित होने या बंद होने की आशंका है। इससे करीब 3500 सरकारी कर्मचारियों के रोजाना आवागमन पर असर पड़ सकता है।
मंत्रालय और नवा रायपुर में कार्यरत कर्मचारियों के लिए बस सेवा दफ्तर पहुंचने का प्रमुख साधन है। ऐसे में संचालन में किसी तरह का व्यवधान आने पर कर्मचारियों को वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था तलाशनी पड़ सकती है।
बसें बंद हुईं तो निजी वाहनों का लेना पड़ेगा सहारा
रायपुर से मंत्रालय और नवा रायपुर के बीच प्रतिदिन सफर करने वाले कर्मचारियों के लिए बस सेवा काफी महत्वपूर्ण है। यदि 1 नवंबर से बसों का संचालन बंद होता है, तो कर्मचारियों को निजी कार, दोपहिया वाहन या ऑटो से कार्यालय पहुंचना पड़ सकता है।
इससे कर्मचारियों के दैनिक परिवहन खर्च में बढ़ोतरी हो सकती है। साथ ही, नियमित आवागमन की व्यवस्था बदलने से समय और सुविधा से जुड़ी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं। फिलहाल कर्मचारियों को राहत देने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था होगी या नहीं, इस पर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।
नई एजेंसी की नियुक्ति में लग सकते हैं डेढ़ महीने
बस संचालन के लिए नई एजेंसी के चयन की प्रक्रिया में करीब डेढ़ महीने का समय लगने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में मौजूदा अनुबंध समाप्त होने और नई एजेंसी के काम संभालने के बीच अंतराल पैदा होने की आशंका है।
यदि इस अवधि में अंतरिम व्यवस्था नहीं की गई, तो कर्मचारियों को लंबे समय तक आवागमन संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए नई एजेंसी के चयन के साथ-साथ बस सेवा को निर्बाध बनाए रखने के विकल्प पर भी फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बस सेवा जारी रखने के लिए हर महीने मांगे सवा करोड़ रुपये
बसों का संचालन जारी रखने के लिए सामान्य प्रशासन विभाग ने वित्त विभाग से हर महीने करीब 1.25 करोड़ रुपये की अनुमति मांगी है। इस राशि को मंजूरी मिलने के बाद ही आगे की व्यवस्था को लेकर तस्वीर साफ हो सकेगी।
वित्त विभाग की स्वीकृति और संबंधित विभागों के फैसले के आधार पर यह तय होगा कि मौजूदा व्यवस्था को आगे बढ़ाया जाएगा या नई एजेंसी के चयन तक किसी वैकल्पिक व्यवस्था से बस सेवा संचालित की जाएगी।
मौजूदा एजेंसी को 31 अक्टूबर तक डिपो खाली करने का निर्देश
बस संचालन को लेकर स्थिति इसलिए भी महत्वपूर्ण हो गई है, क्योंकि नगर निगम ने वर्तमान एजेंसी को 31 अक्टूबर तक बस डिपो खाली करने का निर्देश दिया है। इसी दिन मौजूदा संचालन अनुबंध भी समाप्त हो रहा है।
ऐसे में नई एजेंसी की नियुक्ति, वित्तीय स्वीकृति और अंतरिम संचालन व्यवस्था पर समय रहते निर्णय लेना जरूरी होगा। यदि इन प्रक्रियाओं में देरी होती है, तो रायपुर से मंत्रालय और नवा रायपुर आने-जाने वाले लगभग 3500 कर्मचारियों की नियमित परिवहन सुविधा प्रभावित हो सकती है।
अब सबकी नजर संबंधित विभागों के फैसले पर है। कर्मचारियों को 1 नवंबर से बस सेवा मिलती रहेगी या उन्हें दूसरे साधनों पर निर्भर होना पड़ेगा, यह आगामी निर्णयों के बाद ही स्पष्ट होगा।