नई दिल्ली। केंद्र सरकार में बड़ा प्रशासनिक बदलाव हुआ है। वरिष्ठ भाजपा नेता प्रह्लाद जोशी ने रविवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री का अतिरिक्त प्रभार संभाल लिया। यह जिम्मेदारी उन्हें पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सौंपी गई है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा इस्तीफा स्वीकार किए जाने के बाद केंद्र सरकार ने जोशी को शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी अतिरिक्त प्रभार के रूप में सौंपने का निर्णय लिया। प्रह्लाद जोशी ने पदभार ग्रहण करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे इस जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा, विनम्रता और कर्तव्यभाव के साथ निभाएंगे।
पदभार संभालते ही जताया प्रधानमंत्री का आभार
कार्यभार ग्रहण करने के बाद प्रह्लाद जोशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा कि उन्हें शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपना प्रधानमंत्री का उन पर विश्वास दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए सम्मान के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है और वे देश की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद हुआ बदलाव
हाल के दिनों में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और नीट परीक्षा विवाद को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन देखने को मिले। इसी बीच धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार ने मंत्रालय के कामकाज को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए प्रह्लाद जोशी को अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंप दी।
कौन हैं प्रह्लाद जोशी?
प्रह्लाद जोशी भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। वे वर्तमान में उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री के रूप में भी कार्य कर रहे हैं। वह वर्ष 2004 से लगातार कर्नाटक की धारवाड़ लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और लगातार पांच बार सांसद चुने जा चुके हैं। अपने राजनीतिक जीवन में उन्होंने भाजपा की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष सहित कई महत्वपूर्ण संगठनात्मक और सरकारी जिम्मेदारियां निभाई हैं।
आरएसएस से शुरू हुआ राजनीतिक सफर
प्रह्लाद जोशी का जन्म 27 नवंबर 1962 को कर्नाटक के विजयपुरा (पूर्व में बीजापुर) में हुआ। कम उम्र में ही वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ गए थे। बाद में भाजपा के संगठनात्मक कार्यों के जरिए उन्होंने सक्रिय राजनीति में अपनी मजबूत पहचान बनाई। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा रेलवे स्कूल और न्यू इंग्लिश स्कूल से प्राप्त की। इसके बाद हुबली स्थित के.एस. आर्ट्स कॉलेज से कला संकाय (बी.ए.) की पढ़ाई पूरी।
कई अहम मंत्रालयों का अनुभव
प्रह्लाद जोशी इससे पहले संसदीय कार्य मंत्रालय, कोयला मंत्रालय, खान मंत्रालय, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। लंबे प्रशासनिक अनुभव के चलते उन्हें भाजपा के भरोसेमंद और अनुभवी नेताओं में गिना जाता है।
आगे क्या रहेगा फोकस?
शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालने के बाद अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता, शिक्षा सुधार और मंत्रालय की प्राथमिकताओं को लेकर प्रह्लाद जोशी क्या नए कदम उठाते हैं। शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कई अहम फैसलों पर आने वाले दिनों में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।