मनोज रजक, सतना : नगर निगम द्वारा आयोजित किए जाने वाले आगामी सतना गौरव दिवस को लेकर शहर की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। आयोजन से पहले ही सत्तापक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं। शहर की बदहाल सड़कों, जल आपूर्ति और नागरिक सुविधाओं को लेकर विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा ‘डब्बू’ ने नगर निगम प्रशासन पर तीखा हमला बोला है।
विधायक कुशवाह ने उठाए सवाल
विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा ने गौरव दिवस के आयोजन पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब शहर की बुनियादी सुविधाएं चरमराई हुई हैं, तब ऐसे आयोजनों का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे शहर में सड़कें खुदी हुई हैं, जगह-जगह गड्ढे हैं और धूल से आम नागरिक परेशान हैं। पीने के साफ पानी तक की समस्या बनी हुई है, जबकि दूसरी ओर नगर निगम लगातार टैक्स बढ़ाकर जनता पर आर्थिक बोझ डाल रहा है।
निगम की कार्यशैली पर कटाक्ष
विधायक ने निगम की कार्यशैली पर कटाक्ष करते हुए पूछा कि जब विकास कार्यों के लिए फंड की कमी बताई जाती है, तो फिर इस तरह के आयोजनों के लिए पैसा कहां से आ रहा है। उन्होंने पारदर्शिता की मांग करते हुए कहा कि जनता की मेहनत की कमाई का हिसाब सार्वजनिक किया जाना चाहिए। विधायक ने चेतावनी दी कि निगम को इस आयोजन से जुड़े हर खर्च का जवाब देना होगा।
महापौर ताम्रकार का पलटवार
वहीं, विधायक के आरोपों पर महापौर योगेश ताम्रकार ने पलटवार किया है। उन्होंने विपक्ष के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए कहा कि गौरव दिवस जैसे आयोजन को राजनीतिक रंग देना दुर्भाग्यपूर्ण है। महापौर ने स्पष्ट किया कि इस कार्यक्रम में नगर निगम के सरकारी खजाने का दुरुपयोग नहीं किया जा रहा है।
महापौर की अपील
महापौर योगेश ताम्रकार ने कहा कि गौरव दिवस पूरे शहर के सम्मान और पहचान से जुड़ा कार्यक्रम है। इसके आयोजन में निजी सहयोग और अन्य वैकल्पिक संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने नागरिकों से किसी भी तरह के भ्रम में न आने की अपील की और भरोसा दिलाया कि नगर निगम शहर के विकास और उसकी अस्मिता दोनों के लिए प्रतिबद्ध है। बता दें कि सतना गौरव दिवस का आयोजन 24 और 25 जनवरी को किया जाना प्रस्तावित है, जिसमें विभिन्न सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।