पाकिस्तान के पेशावर में एक निजी स्कूल में बड़ा हादसा हो गया। दीर कॉलोनी इलाके में स्कूल की छत अचानक गिरने से कई बच्चों की जान चली गई। हादसे में जान गंवाने वाले सभी बच्चों की उम्र 13 साल या उससे कम बताई गई है। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचे और मलबे में फंसे लोगों को निकालने का अभियान शुरू किया।
घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नजदीकी अस्पताल में आपातकालीन व्यवस्था की गई और डॉक्टरों व स्वास्थ्यकर्मियों को तैनात किया गया।
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने जताया दुख
हादसे पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतक बच्चों के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए अधिकारियों को घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था करने और राहत अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए।
खैबर पख्तूनख्वा के गवर्नर फैसल करीम कुंडी ने भी घटना पर दुख जताया और मामले की आधिकारिक जांच के आदेश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से घायलों को आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा।
पाकिस्तान में स्कूलों की इमारतों की सुरक्षा पर सवाल
इस घटना ने स्कूल भवनों की मजबूती और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। निर्माण में गुणवत्ता की कमी, इमारतों का रखरखाव और सुरक्षा मानकों का पालन ऐसे हादसों में जांच के महत्वपूर्ण पहलू होते हैं। हालांकि, पेशावर में छत गिरने की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
छह महीने में स्कूलों से जुड़े कई हादसों का दावा
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान में पिछले कुछ महीनों के दौरान स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों की इमारतों से जुड़े कई हादसे सामने आए हैं।
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जुलाई: उमरकोट में सरकारी स्कूल की दीवार गिरने से तीन बच्चियों की मौत होने की जानकारी सामने आई थी।
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जुलाई: लाहौर के बागबानपुरा में निर्माणाधीन निजी स्कूल की छत गिरने से एक बच्चे की मौत बताई गई थी।
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जून: लाहौर के कहनाज इलाके में ट्यूशन सेंटर की छत गिरने की घटना में 14 बच्चों की मौत का दावा किया गया था।
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मई: डेरा गाजी खान में स्कूल की छत गिरने से चार लोगों की मौत और 20 लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई थी।
इन घटनाओं ने शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था और भवनों के नियमित निरीक्षण की जरूरत को रेखांकित किया है। पेशावर हादसे की जांच से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि छत गिरने के पीछे क्या कारण थे और क्या सुरक्षा संबंधी किसी लापरवाही की भूमिका रही।