पचमढ़ी, मो सादिक़ अली: मध्य प्रदेश का दिल और 'सतपुड़ा की रानी' कहे जाने वाले मशहूर हिल स्टेशन पचमढ़ी में इस वीकेंड पर्यटकों का ऐसा सैलाब उमड़ा कि व्यवस्थाएं छोटी पड़ती दिखाई दीं। बीते दो दिनों में देश के कोने-कोने से आए सैलानियों की बंपर तादाद ने पचमढ़ी के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। हालत यह थी कि होटलों से लेकर पर्यटन स्थलों तक पैर रखने की जगह नहीं थी। सुबह की शुरुआत जहां सैलानियों के लिए भारी कशमकश और बेचैनी से भरी रही, वहीं शाम होते-होते प्रकृति के खूबसूरत नजारों ने उनकी सारी थकान मिटाकर रूह को सुकून से भर दिया।
सुबह से जिप्सी बुकिंग, मची होड़
पचमढ़ी के प्रमुख दर्शनीय स्थलों की सैर के लिए वन विभाग और टैक्सी संचालक संघ द्वारा रोस्टर प्रणाली के तहत जिप्सी की बुकिंग की जाती है। नियम के मुताबिक बुकिंग काउंटर सुबह 8:00 बजे खुलता है, लेकिन वीकेंड पर भारी भीड़ के अंदेशे के चलते सैलानी सुबह 6:00 बजे से ही कतारों में खड़े नजर आए।लंबी कतारों में लगे पर्यटक काउंटर खुलने का इंतजार करते हुए खासे परेशान और बेचैन दिखे। बुकिंग शुरू होते ही भारी भीड़ के कारण माहौल काफी गहमागहमी भरा हो गया, जिससे पर्यटकों को टिकट हासिल करने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
बी-फॉल और धूपगढ़ रहे मुख्य आकर्षण
तमाम दिक्कतों के बाद जब पर्यटक पचमढ़ी की वादियों में पहुंचे, तो वहां का नजारा देखते ही बनता था। इस वीकेंड पर्यटकों की पहली पसंद बी-फॉल (Bee Fall) और धूपगढ़ (Dhoopgarh) रहे।
बी-फॉल: ठंडे पानी के इस झरने पर सैलानियों ने जमकर मस्ती की। पर्यटकों ने यहाँ औसतन 3 से 4 घंटे का समय बिताया और जलप्रपात का आनंद लिया।
धूपगढ़: मध्य प्रदेश की सबसे ऊंची चोटी धूपगढ़ पर शाम को नजारा अद्भुत था। सैलानियों ने यहाँ घंटों बैठकर डूबते सूरज (सनसेट) की लालिमा को अपने कैमरों और यादों में कैद किया। सुबह की कतारों की बेचैनी, शाम के इस शांत सूर्यास्त को देखकर पूरी तरह काफूर हो गई।
ट्रैफिक संभालने में पुलिस के छूटे पसीने
हजारों वाहनों और पर्यटकों के अचानक शहर में प्रवेश करने से यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। शहर की सड़कों से लेकर पर्यटन स्थलों के रास्तों पर जाम की स्थिति निर्मित हो गई।शहर थाना प्रभारी सुरेखा निमोदा ने बताया कि पर्यटकों की अप्रत्याशित भीड़ को देखते हुए पूरे पुलिस बल को अलर्ट पर रखा गया था। पुलिस की टीमें लगातार शहर और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर मॉनिटरिंग करती रहीं। ट्रैफिक को सुचारू बनाए रखने और कानून व्यवस्था चुस्त रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस जवानों की तैनाती की गई थी, ताकि पर्यटकों को किसी अप्रिय स्थिति का सामना न करना पड़े।
पर्यटन विशेषज्ञों की सलाह
आजकल देश में वीकेंड टूरिज्म (शुक्रवार से रविवार) का चलन तेजी से बढ़ा है, जिसके कारण पचमढ़ी जैसे शांत हिल स्टेशन भी इन तीन दिनों में 'हाउसफुल' हो जाते हैं। भीड़भाड़ के कारण पर्यटकों को होटलों, जिप्सी और शांति के लिए परेशान होना पड़ता है। पर्यटन विशेषज्ञों ने सैलानियों से अपील की है कि जो लोग सचमुच प्रकृति की शांति का अनुभव करना चाहते हैं और सुकून से घूमना चाहते हैं, वे सोमवार से शुक्रवार(Weekdays) के दिनों में आने का प्लान बनाएं। इन दिनों में न सिर्फ जिप्सी और होटल आसानी से व किफायती दामों पर मिल जाते हैं, बल्कि पचमढ़ी का वास्तविक शांत और जादुई माहौल भी महसूस किया जा सकता है।
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