भोपाल : भोपाल में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में आज और 10 नई पीएम ई-बसें को सड़कों पर उतारा गया। जिससे यात्रियों की यात्रा न सिर्फ सुगम होगी बल्कि हर 10-15 मिनट में बस मिलने से यात्रियों का समय भी बचेगा। अभी तक राजधानी में 20 बसों का संचालन हो रहा है। वही अब इन 10 बसों के आगमन से संख्या 30 हो गई है।
शहर में होगी बेहतर कनेक्टिविटी
ई-बस सेवा से शहर के प्रमुख इलाकों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। बैरागढ़, कोलार, एमपी नगर, रेलवे स्टेशन, मेट्रो स्टेशन और आईएसबीटी जाने वाले यात्रियों को इसका सीधा लाभ मिलने की संभावना है।
लाइव लोकेशन से बस को कर सकेंगे ट्रैक
यात्री ‘चलो ऐप’ के माध्यम से बस की लाइव लोकेशन देख सकेंगे। साथ ही अपने स्टॉप पर बस के पहुंचने का अनुमानित समय भी पता किया जा सकेगा। इससे सफर की प्लानिंग आसान होगी और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।
न्यूनतम किराया 6 से 7 रुपये
इतना ही नहीं ई-बसों का न्यूनतम किराया 6 से 7 रुपये, जबकि अधिकतम किराया 40 रुपये निर्धारित किया गया है। वर्तमान में भोपाल में रोजाना करीब 12 से 15 हजार यात्री ई-बसों का उपयोग कर रहे हैं।
इन तीन प्रमुख रूटों पर चलेंगी नई ई-बसें
B35 : चिरायु अस्पताल, बैरागढ़ से आकृति ईको सिटी, सलैया
यह रूट चिरायु अस्पताल और बैरागढ़ मार्केट से शुरू होकर लालघाटी, कलेक्ट्रेट, हमीदिया अस्पताल, रॉयल मार्केट, पीर गेट, कमला पार्क, पॉलीटेक्निक चौराहा, रोशनपुरा, लिंक रोड नंबर-1, रेडक्रॉस अस्पताल, बोर्ड ऑफिस, एमपी नगर मेट्रो स्टेशन, भाजपा कार्यालय, विट्ठल मार्केट, 12 नंबर बस स्टॉप, रोहित नगर और बावड़िया चौराहा होते हुए आकृति ईको सिटी तक जाएगा।
B36 : कोच फैक्ट्री से बैरागढ़ चिचली, कोलार रोड
इस रूट पर द्वारका नगर, कोच फैक्ट्री, भोपाल रेलवे स्टेशन, अशोका गार्डन, प्रभात चौराहा, ओल्ड सुभाष नगर, चेतक ब्रिज, एमपी नगर मेट्रो स्टेशन, भाजपा कार्यालय, विट्ठन मार्केट, मनीषा मार्केट, बंसल अस्पताल, चूनाभट्टी, मंदाकिनी चौराहा, नयापुरा, ललिता नगर और गेहूंखेड़ा होते हुए बैरागढ़ चिचली तक बसें चलेंगी।
B37 : बैरागढ़ ई-बस डिपो से आईएसबीटी
इस रूट पर बैरागढ़ मार्केट, लालघाटी, कलेक्ट्रेट, हमीदिया अस्पताल, शाहजहांनाबाद, नादरा बस स्टैंड, भोपाल स्टेशन, जहांगीराबाद, पीएचक्यू, मिंटो हॉल, बिड़ला मंदिर, वल्लभ भवन, विंध्याचल, जिला न्यायालय, डीबी मॉल और चेतक ब्रिज होते हुए आईएसबीटी तक ई-बस सेवा उपलब्ध होगी।
बसों की खासियत…
सबसे प्रमुख दिव्यांगों के चढ़ने-उतरने के लिए हाईड्रोलिक डोर हैं। जिनके जरिए वे ट्रायसिकल, व्हील चेयर समेत बस में आ-जा सकेंगे। इन बसों में जिस जगह हाईड्रोलिक डोर है, उसके ठीक सामने इतनी जगह है कि दो व्हील चेयर या ट्रायसिकल एक साथ खड़ी हो सके। दिव्यांगजनों के लिए पहली बार बस में यह सुविधा दी गई है।