रायपुर। महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण और सशक्तिकरण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने एक और बड़ी राष्ट्रीय उपलब्धि हासिल की है। प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में राज्य ने फरवरी माह की स्टेट-वाइज राष्ट्रीय रैंकिंग में पहला स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि के साथ छत्तीसगढ़ ने कई बड़े राज्यों को पीछे छोड़ते हुए देश में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। जारी राष्ट्रीय रैंकिंग के अनुसार राज्य ने 93.37 प्रतिशत नामांकन, 83.87 प्रतिशत स्वीकृति दर, और 93.95 प्रतिशत शिकायतों के त्वरित समाधान के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इसके अलावा 30 दिनों से अधिक लंबित प्रकरणों की दर केवल 7.07 प्रतिशत और लंबित शिकायत दर 4.96 प्रतिशत दर्ज की गई है। यह आंकड़े योजना के प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन को दर्शाते हैं।
पिछले महीने से 6 स्थान की छलांग:
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ ने पिछले माह की तुलना में 6 स्थानों की बड़ी छलांग लगाते हुए राष्ट्रीय स्तर पर पहला स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि राज्य में मातृ एवं शिशु कल्याण से जुड़ी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन का प्रमाण मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने दी बधाई:
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मैदानी अमले को बधाई दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में पहला स्थान प्राप्त करना राज्य के निरंतर प्रयासों और बेहतर कार्यप्रणाली का परिणाम है।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया गौरवपूर्ण क्षण:
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने इसे राज्य के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताते हुए विभागीय टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के कुशल नेतृत्व और दूरदर्शी सोच के कारण छत्तीसगढ़ आज देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हुआ है। अधिकारियों, कर्मचारियों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के बेहतर समन्वय और समर्पण के कारण ही यह सफलता संभव हो पाई है।
1.86 लाख गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण:
वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक प्रदेश में 1,86,586 गर्भवती महिलाओं का प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत पंजीकरण किया जा चुका है। राज्य सरकार द्वारा अब तक 72 करोड़ 24 लाख 89 हजार रुपये की राशि सीधे पात्र हितग्राही महिलाओं के बैंक खातों में अंतरित की जा चुकी है। मंत्री राजवाड़े ने विश्वास जताया कि भविष्य में भी विभाग इसी समर्पण और ऊर्जा के साथ कार्य करते हुए राज्य के पहले स्थान को बनाए रखेगा और प्रदेश की हर पात्र गर्भवती महिला तक योजना का लाभ समय पर पहुंचाया जाएगा।