छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के नियमित शासकीय कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण और राहत भरा फैसला लिया है। वित्त विभाग ने मंत्रिपरिषद के निर्देशों के अनुसार ‘वेतन के विरुद्ध अल्पावधि ऋण सुविधा’ को प्रभावी रूप से लागू कर दिया है। इस नई व्यवस्था के तहत अब सरकारी कर्मचारी अपनी तत्काल वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए अपने वेतन के आधार पर अग्रिम राशि या अल्पावधि ऋण आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।
यह योजना मार्च 2026 से लागू हो चुकी है और इसका उद्देश्य कर्मचारियों को आर्थिक संकट के समय त्वरित सहायता उपलब्ध कराना है। खास बात यह है कि इस पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाया गया है, जिससे कर्मचारियों को कहीं भी जाने की आवश्यकता नहीं होगी।
डिजिटल प्लेटफॉर्म से मिलेगी सुविधा
वित्त विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, यह पूरी प्रणाली ऑनलाइन और सुरक्षित है। कर्मचारी इस सुविधा का लाभ दो तरीकों से उठा सकते हैं।
पहला तरीका यह है कि वे ई-कोष पोर्टल पर लॉग-इन करके ‘एडवांस सैलरी’ विकल्प का चयन करें। इसके माध्यम से वे अपने वेतन के आधार पर अग्रिम राशि प्राप्त कर सकते हैं।
इस सुविधा के संचालन के लिए बेंगलुरु की सेवा प्रदाता कंपनी ‘मैसर्स रिफाइन टेक प्राइवेट लिमिटेड’ को नियुक्त किया गया है, जो इस डिजिटल सिस्टम को संभाल रही है।
EMI कटौती की स्वचालित व्यवस्था
इस योजना की एक और खास बात यह है कि ऋण चुकाने की प्रक्रिया को भी बेहद सरल बनाया गया है।
जैसे ही कर्मचारी ऋण या अग्रिम राशि लेते हैं, उसकी जानकारी स्वतः ई-कोष सिस्टम में दर्ज हो जाती है। इसके बाद जब कर्मचारी का वेतन बैंक खाते में जमा होता है, उससे पहले ही तय की गई ईएमआई या राशि काट ली जाती है।
इससे कर्मचारियों को अलग से भुगतान करने की चिंता नहीं रहती और पूरी प्रक्रिया सहज तरीके से पूरी हो जाती है।
किन कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
यह सुविधा केवल उन नियमित शासकीय कर्मचारियों के लिए लागू है, जिनका वेतन ई-कोष प्रणाली के माध्यम से तैयार और वितरित होता है।
नियमों के अनुसार, कर्मचारी अपने मासिक वेतन का अधिकतम 50 प्रतिशत हिस्सा अग्रिम वेतन के रूप में प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा, जरूरत के अनुसार अल्पावधि ऋण लेने का विकल्प भी उपलब्ध कराया गया है।
यह प्रावधान कर्मचारियों को आकस्मिक खर्चों या आपात स्थिति में आर्थिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से किया गया है।
सुरक्षा को लेकर सरकार की चेतावनी
सरकार ने इस डिजिटल सुविधा के साथ सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी है। वित्त विभाग ने कर्मचारियों को सतर्क रहने की सलाह दी है, ताकि वे किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार न हों।
कर्मचारियों को स्पष्ट रूप से निर्देश दिए गए हैं कि वे अपना ओटीपी, पासवर्ड या अन्य संवेदनशील जानकारी किसी के साथ साझा न करें। साथ ही, केवल आधिकारिक एप या वेबसाइट का ही उपयोग करें।
किसी भी तकनीकी समस्या या सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 080-65487080 और व्हाट्सएप नंबर 97427 34273 जारी किए गए हैं, जहां कर्मचारी संपर्क कर सकते हैं।