भोपाल: मध्य प्रदेश प्राथमिक शिक्षक भर्ती 2025 में D.El.Ed अंतिम वर्ष के अभ्यर्थियों की नियुक्ति को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। अभ्यर्थियों का दावा है कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान आवेदन फॉर्म में मौजूद क्लॉज 49 के तहत उन्हें परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी गई थी। अब नियुक्ति की प्रक्रिया के दौरान उनकी पात्रता पर सवाल उठाए जाने से अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ गई है। मामले को लेकर D.El.Ed अंतिम वर्ष के अभ्यर्थियों ने भोपाल स्थित DPI परिसर में प्रदर्शन किया और विभाग से क्लॉज 49 को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्हें परीक्षा में शामिल होने की अनुमति देते समय दस्तावेज सत्यापन के दौरान मार्कशीट या डिग्री प्रस्तुत करने की बात कही गई थी।
क्लॉज 49 को लेकर क्या है अभ्यर्थियों की दलील?
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों के अनुसार, शिक्षक भर्ती के आवेदन फॉर्म में क्लॉज 49 के तहत D.El.Ed अंतिम वर्ष में अध्ययनरत अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने का अवसर दिया गया था। उन्हें उम्मीद थी कि निर्धारित समय तक योग्यता पूरी करने के बाद दस्तावेज सत्यापन के दौरान आवश्यक प्रमाण-पत्र प्रस्तुत किए जा सकेंगे। अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने इसी प्रावधान को ध्यान में रखते हुए भर्ती परीक्षा में हिस्सा लिया। परीक्षा की तैयारी और आवेदन प्रक्रिया में उन्होंने समय और धन खर्च किया। अब नियुक्ति के चरण में पात्रता पर सवाल उठने से उनके सामने अनिश्चितता की स्थिति पैदा हो गई है।
नियम 12.7 ने बढ़ाया विवाद
दूसरी ओर, विभाग की ओर से रूल बुक की कंडिका 12.7 का हवाला दिया जा रहा है। इसी प्रावधान को लेकर अभ्यर्थियों और विभाग के बीच मतभेद सामने आया है। अभ्यर्थियों के मुताबिक नियम 12.7 में आवेदन की अंतिम तारीख तक निर्धारित शैक्षणिक एवं व्यावसायिक योग्यता पूरी होने की बात कही गई है। विभाग इसी आधार पर पात्रता का आकलन कर रहा है। यही स्थिति अब विवाद का मुख्य कारण बन गई है। एक ओर भर्ती आवेदन में D.El.Ed अंतिम वर्ष के अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने का प्रावधान बताए जाने का दावा है, वहीं दूसरी ओर नियम 12.7 के आधार पर निर्धारित तिथि तक योग्यता पूरी होना जरूरी बताया जा रहा है।
अभ्यर्थियों का सवाल-परीक्षा के लिए पात्र तो नियुक्ति में अयोग्य क्यों?
D.El.Ed अंतिम वर्ष के अभ्यर्थियों का सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि उन्हें भर्ती परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी गई थी, तो नियुक्ति के समय उनकी पात्रता पर आपत्ति क्यों उठाई जा रही है। अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि आवेदन की अंतिम तारीख तक D.El.Ed पूरा होना अनिवार्य था, तो भर्ती आवेदन में क्लॉज 49 को शामिल करने का उद्देश्य क्या था? साथ ही, यदि दस्तावेज सत्यापन के दौरान मार्कशीट या डिग्री प्रस्तुत करने की व्यवस्था थी, तो अब नियुक्ति के समय अलग स्थिति क्यों बनाई जा रही है?
स्पष्ट आदेश की मांग
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने मांग की है कि विभाग इस पूरे मामले में क्लॉज 49 और नियम 12.7 की स्थिति स्पष्ट करते हुए लिखित आदेश या सर्कुलर जारी करे। उनका कहना है कि नियमों की अलग-अलग व्याख्या के कारण भर्ती प्रक्रिया में शामिल अभ्यर्थियों के भविष्य को लेकर असमंजस बना हुआ है। अभ्यर्थियों की नजर अब स्कूल शिक्षा विभाग और सरकार के अगले फैसले पर है। उनका कहना है कि जब तक पात्रता को लेकर स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रह सकता है।