MP Congress NEET Protest: NEET परीक्षा में हुए कथित पेपर लीक मामले को लेकर शनिवार को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में जमकर लाठियां और बैरिकेड्स खड़के। छात्र संगठन एनएसयूआई के बैनर तले आयोजित इस विशाल विरोध प्रदर्शन के दौरान उस वक्त भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब छात्र और कांग्रेस के दिग्गज नेता मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने के लिए आगे बढ़े।
पुलिस ने किया बल प्रयोग
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने बल प्रयोग किया और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी, और विधानसभा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित एनएसयूआई के आला नेताओं को मौके से हिरासत में ले लिया। पुलिस इन सभी नेताओं को वज्र वाहनों और बसों में भरकर भोपाल के दूरस्थ इलाके रातीबड़ ले गई है।
दिल्ली से पहुंचे राष्ट्रीय अध्यक्ष
इससे पहले, शनिवार दोपहर को शिवाजी नगर स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के सामने पूरे प्रदेश से आए हजारों छात्र और एनएसयूआई कार्यकर्ता एकत्रित हुए। इस प्रदर्शन को धार देने के लिए एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ विशेष रूप से दिल्ली से भोपाल पहुंचे। उनके साथ प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे ने कमान संभाली। छात्रों के इस आंदोलन को समर्थन देने खुद कांग्रेस के चाणक्य दिग्विजय सिंह, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और आदिवासी नेता उमंग सिंघार पीसीसी दफ्तर पहुंचे, जिससे कार्यकर्ताओं का जोश दोगुना हो गया।
पुलिस की अभेद्य घेराबंदी
जैसे ही नीट परीक्षा रद्द करो और पेपर लीक सरकार मुर्दाबाद के नारों के साथ जनसैलाब मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ा, पहले से मुस्तैद भारी पुलिस बल ने उन्हें रोक लिया। पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए रेडक्रॉस हॉस्पिटल के ठीक सामने लोहे के ऊंचे-ऊंचे बैरिकेड्स लगाकर पूरे रास्ते को छावनी में तब्दील कर दिया था। जब उग्र छात्र बैरिकेड्स पर चढ़ने लगे, तो पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प, धक्का-मुक्की और रस्साकशी का दौर शुरू हो गया।
हिरासत में नेता, भेजा रातीबड़ थाने
बताया जा रहा है कि बैरिकेड्स लांघने की कोशिश कर रहे छात्र नेताओं के साथ-साथ पुलिस ने सड़क पर धरने पर बैठे दिग्विजय सिंह, जीतू पटवारी और उमंग सिंघार को जबरन उठाकर पुलिस बस में बैठाया। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि सरकार छात्रों की आवाज को दबाने के लिए लाठी और पुलिस तंत्र का सहारा ले रही है, जबकि बीजेपी सरकार का कहना है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी। फिलहाल सभी बड़े नेताओं को भोपाल के रातीबड़ क्षेत्र में अस्थाई जेल या थाने ले जाया गया है, जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन अब भी जारी है।