रायपुर। महादेव ऑनलाइन बुक से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कारोबारी विकास गर्ग को गिरफ्तार किया है। ईडी की रायपुर जोनल यूनिट ने उन्हें 14 जुलाई 2026 को नई दिल्ली से धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत हिरासत में लिया। ट्रांजिट रिमांड के बाद रायपुर लाए गए विकास गर्ग को विशेष पीएमएलए अदालत ने 24 जुलाई 2026 तक 10 दिनों की ईडी रिमांड पर भेज दिया है।
कई राज्यों की FIR के आधार पर शुरू हुई जांच
ईडी के अनुसार, यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ के दुर्ग सहित आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों में दर्ज विभिन्न एफआईआर के आधार पर की गई जांच का हिस्सा है। जांच में महादेव ऑनलाइन बुक और स्काईएक्सचेंज से जुड़े कथित सट्टेबाजी नेटवर्क के संचालन और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन की पड़ताल की जा रही है।
हर महीने करोड़ों रुपये के अवैध कारोबार का आरोप
जांच एजेंसी का दावा है कि महादेव ऑनलाइन बुक का नेटवर्क विदेश से फ्रेंचाइजी मॉडल के जरिए संचालित किया जा रहा था। ईडी के मुताबिक, इस नेटवर्क से हर महीने 450 करोड़ रुपये से अधिक की कथित अवैध कमाई होती थी, जिसे बाद में अलग-अलग माध्यमों से वैध निवेश का रूप देने की कोशिश की गई।
विदेशी कंपनियों के जरिए धन के निवेश का आरोप
ईडी का आरोप है कि कथित अवैध धन को शेल कंपनियों और विदेशी संस्थाओं के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग कर निवेश में बदला गया। जांच में दुबई, मॉरीशस और यूनाइटेड किंगडम स्थित कंपनियों के माध्यम से एफपीआई, एफडीआई, क्यूआईपी और एफसीसीबी जैसे निवेश मार्गों का उपयोग किए जाने की बात सामने आई है।
जांच एजेंसी का यह भी दावा है कि इसी धन का उपयोग भारत और विदेश में कई परिसंपत्तियां खरीदने तथा अमेरिका स्थित EBIX Inc. में बड़ी हिस्सेदारी हासिल करने के लिए किया गया।
940 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति पहले ही कुर्क
ईडी इससे पहले 5 जून 2026 को विकास गर्ग, उनके परिवार और उनसे जुड़ी कंपनियों की 940.77 करोड़ रुपये मूल्य की चल एवं अचल संपत्तियां कुर्क कर चुकी है। इनमें भूमि, आवासीय संपत्तियां, इक्विटी शेयर और अन्य वित्तीय परिसंपत्तियां शामिल हैं।
अब तक 4,000 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त
प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार, महादेव ऑनलाइन बुक मामले में अब तक सात अनंतिम कुर्की आदेश जारी किए जा चुके हैं। एजेंसी ने करीब 4,000 करोड़ रुपये मूल्य की चल-अचल और विदेशी संपत्तियों को कुर्क, जब्त या फ्रीज किया है। मामले की जांच अभी भी जारी है और आगे और कार्रवाई की संभावना जताई गई है।