अनिल शर्मा, हटा: मध्य प्रदेश के दमोह जिले के बटियागढ़ ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम नीमखेड़ा में बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात उस वक्त भारी हड़कंप मच गया, जब एक नाबालिग प्रेमी अपनी प्रेमिका से बातचीत बंद होने से नाराज होकर आसमान छूते मोबाइल टावर के शिखर पर जा बैठा।
सिरफिरे आशिक की इस जानलेवा जिद ने रात से लेकर गुरुवार की सुबह तक पुलिस और प्रशासनिक अमले को अपनी उंगलियों पर नचाए रखा। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे प्रशासनिक कप्तानों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की घंटों चली समझाइश के बाद आखिरकार गुरुवार सुबह किशोर को सुरक्षित नीचे उतारा जा सका, जिसके बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली।
गुजरात से जुड़ी हैं प्रेम की कड़ियां
टावर पर चढ़े नीमखेड़ा निवासी नाबालिग किशोर ने नीचे आने के बाद रोते हुए अपनी व्यथा सुनाई। उसने बताया कि वह कुछ समय पहले मजदूरी करने गुजरात गया हुआ था। वहां काम करने के दौरान उसे गुजरात की ही एक नाबालिग लड़की से प्रेम हो गया। दोनों के बीच बातचीत चल रही थी, लेकिन जैसे ही इस प्रेम प्रसंग की भनक लड़की के परिजनों को लगी, लड़की के पिता ने किशोर का मोबाइल नंबर सीधे ब्लैकलिस्ट में डाल दिया। अपनी प्रेमिका से बातचीत के सारे रास्ते बंद होने से परेशान होकर वह गांव के ही मोबाइल टावर पर चढ़ गया और शादी की जिद पर अड़ गया।
तहसीलदार और थाना प्रभारी ने संभाला मोर्चा
किशोर को टावर की ऊंचाई पर खतरनाक ढंग से बैठा देख ग्रामीणों ने तत्काल स्थानीय प्रशासन और पुलिस को विधिक सूचना दी। सूचना मिलते ही बटियागढ़ तहसीलदार योगेन्द्र चौधरी, रजपुरा थाना प्रभारी शिलास विनीत और स्थानीय ग्राम पंचायत सरपंच महेंद्र कटारे भारी पुलिस बल और आपदा उपकरणों के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। किशोर रातभर टावर के ऊपर से चिल्लाता रहा कि जब तक उसकी बात प्रेमिका से नहीं कराई जाती और शादी का आश्वासन नहीं मिलता, वह नीचे नहीं उतरेगा। पुलिस और सरपंच ने लाउडस्पीकर के माध्यम से उसे लगातार समझाइश दी।
गुरुवार की सुबह जब किशोर का हौसला थोड़ा डगमगाया, तो अधिकारियों ने उसे नियमों से अवगत कराया। चूंकि लड़का और लड़की दोनों ही नाबालिग हैं, ऐसे में भारत के संविधान के तहत उनका विवाह गैर-कानूनी और दंडनीय अपराध है। अधिकारियों ने किशोर को समझाया कि कानूनन शादी के लिए दोनों का बालिग होना अनिवार्य है। उसे सलाह दी गई कि वह 21 वर्ष की उम्र पूरी होने तक धैर्य रखे। इसके बाद परिजनों को बुलाकर काउंसिलिंग की गई और किशोर को वापस गुजरात भेजने की सहमति देकर मामले को पूरी तरह शांत कराया गया।
.png)